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Mandi News: भूखे पेट पानी पी-पी कर अल्ट्रासाउंड टेस्ट का लंबा इंतजार

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क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए मरीज हो रहे परेशान, औपचारिकताएं पूरी करने में झेलनी पड़ रही परेशानी
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एक अन्य रेडियोलॉजिस्ट के स्थानांतरण से बढ़ी परेशानी
मजबूरी और जल्दी वाले मरीज निजी अस्पतालों का कर रहे रुख
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में अल्ट्रासाउंड टेस्ट करवाने के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीजों को खाली पेट टेस्ट से पहले अधिक पानी पीने के बावजूद समय पर बारी नहीं मिल रही। ऐसे में उन्हें बार-बार शौचालय जाना पड़ता है और फिर दोबारा पानी पीना पड़ता है, जिससे असुविधा बढ़ रही है।
अस्पताल में वर्तमान में केवल एक रेडियोलॉजिस्ट तैनात है, जो प्रतिदिन करीब 50 मरीजों के टेस्ट कर पा रहे हैं। शेष मरीजों को अल्ट्रासाउंड के लिए अगली तारीख दी जा रही है।
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पहले अस्पताल में दो रेडियोलॉजिस्ट तैनात थे, जिससे मरीजों को अधिक इंतजार नहीं करना पड़ता था। लेकिन, एक रेडियोलॉजिस्ट के स्थानांतरण और दूसरे को मेडिकल कॉलेज में प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है।
भीड़ और देरी के चलते कुछ मरीज निजी अस्पतालों और क्लीनिकों का रुख कर रहे हैं, जहां उन्हें महंगे दाम चुकाने पड़ रहे हैं। जबकि क्षेत्रीय अस्पताल में यह टेस्ट मात्र 300 रुपये में उपलब्ध है।
अस्पताल में रोजाना लगभग 1000 मरीजों की ओपीडी रहती है। इनमें से करीब 200 मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सलाह दी जाती है लेकिन सीमित स्टाफ के कारण केवल 50 मरीजों को ही प्रतिदिन यह सुविधा मिल पा रही है।
सदयाणा निवासी पूर्णिमा, जेल रोड की कांता शर्मा, गोखड़ा की राजो देवी और टाना के तुलसी राम सहित अन्य मरीजों ने बताया कि पहले दो रेडियोलॉजिस्ट होने से ज्यादा परेशानी नहीं होती थी। अब एक ही रेडियोलॉजिस्ट होने से इंतजार बढ़ गया है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से जल्द दूसरे रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की मांग की है।
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अस्पताल प्रशासन के अनुसार उच्च अधिकारियों की अनुमति से ही अतिरिक्त रेडियोलॉजिस्ट को मेडिकल कॉलेज में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। मंडी अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट पूरी निष्ठा के साथ एनटी, नेटिड मामलों में तत्परता से सेवाएं दे रहे हैं। यह मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। -डॉ. दिनेश ठाकुर, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल मंडी
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