सुंदरनगर (मंडी)। हिम साहित्य परिषद के तत्वावधान में मकर संक्रांति एवं लोहड़ी के पावन अवसर पर शहर के वृद्धाश्रम में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से परंपराओं और मानवीय संवेदनाओं को जीवंत किया।
जिला भाषा एवं संस्कृति अधिकारी रेवती सैनी ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करते हुए सभी को पर्व की बधाई दी और युवाओं व लेखकों को निरंतर साहित्य सृजन के लिए प्रेरित किया। ख्यातिप्राप्त साहित्यकार और कार्यक्रम के अध्यक्ष जगदीश कपूर ने कहा कि साहित्य हृदय की प्रेरणा से रचा जाता है, जो समाज को दिशा देता है।
सम्मेलन में कवियों ने ऋतु परिवर्तन और त्योहार के उल्लास को अपनी पंक्तियों में पिरोया। सुरेंद्र मिश्रा ने शरद ऋतु और अग्नि की ऊष्मा पर प्रभावी पंक्तियां पढ़ीं। हीरा सिंह कौशल ने मकर संक्रांति के खगोलीय और धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए सूर्य की तप्त किरणों और धरा के संबंध पर प्रकाश डाला।
विजय कुमार सिंघल की गजलों ने श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी। मंच का सफल संचालन परिषद के सचिव उत्तम चंद ने किया। कार्यक्रम में भीम सिंह परदेसी, निर्मला चंदेल, लतेश शर्मा, प्रकाश चंद धीमान, अर्पणा धीमान, मुरारी शर्मा, कृष्ण चंद महादेविया, देवेन्द्र गुप्ता, हरिप्रिया, सीताराम वर्मा, हेम राज, उत्तम चंद शर्मा, सरिता हांडा, पी सी कौंडल, राजेंद्र ठाकुर, महेश कुमार, स्वामी राणा, दीपक बहादुर और जमना कुमारी सहित अनेक कवियों ने अपनी कविताओं से श्रोताओं का मन मोह लिया। अंत में सभी साहित्यकारों और आश्रम के निवासियों ने पारंपरिक व्यंजन खिचड़ी, मूंगफली और रेवड़ियों का आनंद लिया।