गुस्साए पशुपालक दुग्ध संग्रहन इकाई भडयाल के बाहर दूध उड़ेलते हुए। जागरूक पाठक
घटना के बाद मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही
दूध संग्रहण में देरी का लगाया आरोप, सरकार और मिल्क फेड के खिलाफ नारेबाजी
संवाद न्यूज एजेंसी
बैहना (मंडी)। दुग्ध सोसायटी भडयाल में दूध लौटाए जाने से नाराज पशुपालकों का गुस्सा फूट पड़ा। विरोध में एक पशुपालक ने डेयरी परिसर में ही अपना दूध बहा दिया। घटना के बाद मौके पर काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। मिल्क प्लांट चक्कर के प्रभारी और अन्य कर्मचारी निरीक्षण के लिए दुग्ध डेयरी पहुंचे थे। इसी दौरान सुबह करीब 10 बजे पशुपालक रवि सैनी की दूध देने की बारी आई। मिल्क रूट इंचार्ज ने दूध की जांच के बाद उसे खराब बताते हुए लेने से इन्कार कर दिया। इससे नाराज रवि सैनी ने मौके पर ही सारा दूध डेयरी परिसर में उड़ेल दिया।
रवि सैनी ने बताया कि वह सुबह छह बजे ही दूध लेकर डेयरी पहुंच गए थे, लेकिन करीब चार घंटे इंतजार के बाद उनका नंबर आया। उन्होंने कहा कि दूध संग्रहण में देरी के कारण गुणवत्ता प्रभावित हुई, जिससे कई किसानों का दूध खराब हो गया। इसमें किसानों की कोई गलती नहीं है। पशुपालकों ने मिल्क फेड पर मनमाने तरीके से नियम लागू करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अब केवल वही पशुपालक दूध जमा करवा सकता है, जिसका नाम दुग्ध डेयरी में दर्ज है। किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से दूध भेजने पर रोक लगा दी गई है, जिससे किसानों को काफी परेशानी हो रही है।
सोसायटी सचिव पर तय समय पर दूध एकत्र करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया गया, जबकि इसकी सजा किसानों को भुगतनी पड़ रही है। नाराज पशुपालकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया।