सुंदरनगर (मंडी)। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुंदरनगर ने दो आरोपियों को सुनियोजित तरीके से षड्यंत्र रच कर हत्या करने के एक महत्वपूर्ण मामले में शनिवार को दोषी करार दिया। दोनों को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषियों की शिनाख्त गीता देवी निवासी गांव तुनाही, डाकघर बीबीएमबी टाउनशिप, तहसील सुंदरनगर और रमेश चंद निवासी गांव कुटाही तहसील सुंदरनगर, जिला मंडी के तौर पर हुई है।
उप जिला न्यायवादी सुंदरनगर विनय वर्मा ने बताया कि वर्ष 2016 में पुलिस थाना बीएसएल कॉलोनी के तुनाही में लेखराज निवासी तुनाही डाकघर बीबीएमबी टाउनशिप की मौत होने की सूचना प्राप्त हुई। इस पर एएसआई जगदीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच शुरू की। पुलिस ने मौके पर मौजूद शिकायतकर्ता लतेंदू पत्नी लीलाधर गांव और डाकघर महादेव तहसील सुंदरनगर की शिकायत के आधार पर मृतक की पत्नी गीता देवी और ठेकेदार रमेश के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 328 और 120-बी के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
मामले की जांच में सामने आया कि में आरोपी गीता देवी अन्य आरोपी ठेकेदार रमेश के पास बीते 5-6 वर्षों से मजदूरी करती थी। वह दो-तीन सालों से लेखराज को तंग कर रही थी और उसे तुनाही में बनाए घर में भी नहीं रहने देती थीं। वह तुनाही गांव में अकेले रहती थी और कई बार आरोपी रमेश को उसके पास आता-जाता भी देखा गया।
पुलिस जांच में पाया गया कि 16 मार्च 2016 को गीता देवी, ठेकेदार रमेश चंद से मिलने महादेव गई थी। लेखराज के परिजनों ने भी गीता देवी पर ठेकेदार रमेश के साथ षड्यंत्र रच कर लेखराज की जहर देकर हत्या करने की आशंका जताई। न्यायालय में मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी नवीन चंद्र, चानन सिंह और विनय वर्मा ने की और 19 गवाहों के बयान दर्ज करवाए।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुंदरनगर की अदालत ने आरोपी गीता देवी और रमेश चंद को हत्या के मामले में दोषी करार दिया और दोनों को आईपीसी धारा 302 में आजीवन कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोनों दोषियों को 6 महीने का साधारण कारावास की सजा सुनाई।
इसके अलावा आईपीसी की धारा 328 में दोषियों को 10-10 वर्ष का कठोर कारावास और जुर्माना 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने की सूरत में छह-छह महीने के साधारण कारावास सुनाया। आईपीसी की धारा 120-बी के तहत दो-दो वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषियों को दो-दो महीने के साधारण कारावास भुगतना होगा।
उप जिला न्यायवादी सुंदरनगर विनय वर्मा ने कहा कि न्यायालय द्वारा सुनाई गई सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।