चंबा। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन तो लापरवाह डॉक्टरों पर कार्रवाई करना चाह रहा है लेकिन शिकायतकर्ताओं का सहयोग न मिलना इसमें आड़े आ रहा है। पिछले माह 40 वर्षीय व्यक्ति की लेंटर से गिरकर मौत हो गई थी। तीन घंटे तक घायल इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञ का इंतजार करता रहा लेकिन डाॅक्टर तीन घंटे बाद आया। तब तक उस घायल की मौत हो चुकी थी। इस मामले में परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मामले की जांच करने के आदेश दिए थे।
जांच को लेकर प्रबंधन ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाई। जब इस कमेटी ने युवक के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया तो उनका पता ही गलत निकला। अस्पताल रिकाॅर्ड में जो नाम-पता दिया गया था, उस पते पर प्रबंधन ने स्पीड पोस्ट की जिससे प्रभवित परिवार जांच में अपना बयान दे सके। कुछ दिन बाद चिट्ठी वापस आ गई। इसमें तर्क दिया गया कि जिस पते पर चिट्ठी भेजी गई थी, ऐसा कोई पता ही मौजूद नहीं है। ऐसे में प्रबंधन को अपनी जांच स्थगित करनी पड़ी। इसकी रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त कार्यालय में भी जमा करवाई गई है। आज भी शिकायतकर्ता पक्ष का इंतजार किया जा रहा है, जिससे जांच को पूरा किया जा सके।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप सिंह ने बताया कि जब भी प्रबंधन किसी लापरवाही में जांच करना चाहता है तो शिकायतकर्ताओं का सहयोग नहीं मिलता। पिछली शिकायत के मामले में शिकायतकर्ता का नाम और पता ही गलत निकला। उन्होंने लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों में विभाग की जांच में अपना योगदान दें।