कुछ परिवार किराये के मकानों में गए तो कुछ ने गोशाला में ली शरण
संवाद न्यूज एजेंसी
पधर (मंडी)। चौहारघाटी के चेलंग में दरक रही पहाड़ी ने नीचे बसे टिक्कन गांव के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खराब मौसम के बीच पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिर रहे हैं। रात के समय पहाड़ी से आने वाली भूस्खलन की तेज और खौफनाक आवाजों से ग्रामीण दहशत में हैं और कई लोगों की रातों की नींद उड़ गई है।
हालात ऐसे हैं कि गांव के कुछ परिवार किराये के मकानों में चले गए हैं। जबकि कुछ लोगों ने गांव से दूर बनी अपनी गोशालाओं में शरण ली है। लोग हर समय किसी बड़े भूस्खलन की आशंका से सहमे हुए हैं।
जिला परिषद सदस्य रोशन लाल ठाकुर, पंचायत प्रधान नरेश कुमार, उपप्रधान तेज राम और वार्ड सदस्य विमला देवी ने पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि पहाड़ी में उभरी दरारें लगातार अपना दायरा बढ़ा रही हैं। निरीक्षण के दौरान वहां ताजा भूस्खलन के निशान भी मिले।
जनप्रतिनिधियों के अनुसार पहाड़ी के एक हिस्से में दोबारा भूस्खलन हुआ है। वन परिक्षेत्राधिकारी कार्यालय टिक्कन की दिशा में पहाड़ी पर एक बड़ी दरार उभरकर सामने आई है। इससे कार्यालय के साथ सटे चार रिहायशी मकान भी सीधे तौर पर खतरे की जद में आ गए हैं।
पहाड़ी की मौजूदा स्थिति को लेकर नीचे बसे टिक्कन गांव में खतरे की आशंका अभी बरकरार है। ग्रामीण मौसम साफ रहने और स्थिति सामान्य होने के लिए आराध्य देव पशाकोट से प्रार्थना कर रहे हैं। पधर प्रशासन ने चेलंग पहाड़ी का ड्रोन सर्वेक्षण करवाने के बाद स्थिति को सामान्य बताया था। हालांकि, इसके बाद हुई बारिश के चलते पहाड़ी की स्थिति फिर खराब होती नजर आ रही है। जनप्रतिनिधियों ने पहाड़ी के आसपास अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने की मांग जिला प्रशासन से की है।