मंडी। जिला मुख्यालय के कांगणीधार में प्रस्तावित न्यायिक परिसर के लिए भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी हो गई है। न्यायिक परिसर के निर्माण के लिए 9.6 हेक्टेयर यानी 120 बीघा जमीन न्यायिक विभाग के नाम हो गई है। इस न्यायिक परिसर में अपीलीय न्यायालय, अधीनस्थ न्यायालय, अतिरिक्त न्यायालय, किशोर न्यायालय सहित अभिलेख ब्लॉक तथा सभागार का निर्माण किया जाएगा।
भूमि उपलब्ध हो जाने के उपरांत अब नए न्यायिक परिसर के निर्माण कार्य में गति आएगी। इस न्यायिक परिसर के तैयार होने से आम नागरिकों को न्यायिक कार्यों में सुविधा होगी। इसके अतिरिक्त अधिवक्ताओं सहित न्यायिक प्रणाली से जुड़े अन्य सभी लोगों को और भी बेहतर सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी।
न्यायिक न्यायालय परिसर के निर्माण में वन संपदा को पहुंचने वाले नुकसान की भरपाई पनारसा वन रेंज में होगी। प्रयोक्ता एजेंसी को पनारसा वन रेंज में 19.20 हेक्टेयर वन भूमि में क्षतिपूर्ति की एवज में पौधरोपण करना है। जहां तक संभव हो यहां पर पेड़ों की स्वदेशी प्रजातियों को रोपा जाएगा। इसके अलावा कांगणीधार में भी 1.58 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण करना होगा।
उधर, जिला बार एसोसिएशन मंडी के अध्यक्ष दिनेश सकलानी ने जमीन हस्तातंरण की प्रक्रिया पूरी होने पर प्रसन्नता जताई है। उम्मीद जताई है कि अब जल्दी कांगणीधार में न्यायिक परिसर का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। वहीं, वन मंडलाधिकारी मंडी वासु डोगर ने बताया कि न्यायिक परिसर के लिए जमीन हस्तांतरित करने के लिए बीते वर्ष फाइनल स्वीकृति मिल चुकी है।