मंडी। बरसात में आपदा ने सराज क्षेत्र की तीन प्राथमिक पाठशालाओं के भवनों के साथ-साथ जमीन को भी बहा दिया है। अब शिक्षा विभाग को इन पाठशालाओं के भवन बनाने के लिए जमीन नहीं मिल रही है। आपदा में बह चुके स्कूल भवनों के लिए नया भवन बनाना चुनौती बन गया है। ये पाठशालाएं अब सामुदायिक भवन, पंचायत घर समेत मंदिर की सराय में चल रही हैं।
जुलाई, अगस्त में मंडी जिले में बरसात के कहर से बड़े पैमाने पर जान माल का नुकसान हुआ है। सड़कें, लोगों के घर समेत शैक्षणिक ढांचा तहस नहस कर दिया है। सराज शिक्षा खंड प्रथम के तहत राजकीय प्राथमिक पाठशाला बेखली में करीब 20 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। स्कूल भवन बह जाने से बरसात के बाद पाठशाला का संचालन मंदिर की सराय में किया जा रहा है। छतरी क्षेत्र की राजकीय प्राथमिक पाठशाला रुछाड़ का भी इसी तरह का आलम है। सामुदायिक भवन में बच्चे पढ़ने को मजबूर हैं।
राजकीय प्राथमिक पाठशाला निहरी सुनाह में 57 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। आपदा के कहर के बाद यह पाठशाला भी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के भवन में संचालित की जा रही है। शरदकालीन सत्र वाली इन पाठशालाओं के भवन के लिए बजट जारी हो गया है। भवन बनाने का जिम्मा निर्माण एजेंसी हिमुडा को सौंपा गया है। क्षेत्र की अन्य आपदा प्रभावित पाठशालाओं के भवन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है लेकिन इन पाठशालाओं के भवन के लिए जमीन नहीं मिल रही है।
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सराज क्षेत्र में जिन पाठशालाओं के भवन बह चुके हैं अथवा बड़े पैमाने पर भवनों को नुकसान पहुंचा है वहां पर निर्माण और मरम्मत कार्य किया जा रहा है। शिक्षा खंड सराज प्रथम की तीन पाठशालाओं के भवन बनाने में जमीन की बाधा आड़े आ रही है। अन्य पाठशालाओं के भवनों का निर्माण करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
-रविंद्र कुमार, कनिष्ठ अभियंता, हिमुडा
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