मंडी में महामृत्युंजय मंदिर चौक के सामने लगा कूड़े का ढेर और वहां से गुजरते लोग। संवाद
मंडी। नगर निगम मंडी हर माह गाड़ियों के माध्यम से कूड़ा उठाने पर लाखों रुपये खर्च कर रहा है लेकिन शहर में दोपहर एक बजे तक कूड़ा नहीं उठ रहा है। दुकानों के आगे कूड़े से पैक बोरे शहर में आने वाले लोगों को चिढ़ा रहे हैं। निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
निगम ने बीते वर्ष सभी 15 वार्डों से कूड़ा उठाने के लिए किराये पर महंगी हाइटेक गाड़ियों की व्यवस्था की है। इसके अलावा निगम की अपनी भी गाड़ियां हैं। इसके बावजूद शहर में दोपहर तक बोरों में बंद कूड़ा शहर के सौंदर्यीकरण पर भी दाग लगा रहा है। शहर ही नहीं वार्डों में भी कई जगह देरी से कूड़ा उठाया जा रहा है।
निगम के सफाई कर्मचारी सुबह डोर-टू-डोर जाकर कूड़ा एकत्रित कर उसे सड़क किनारे रख रहे हैं। गाड़ी चालक समय पर इसे नहीं उठा रहे हैं। इससे कई जगह बोरों में बंद कूड़े पर पशु और कुत्ते भी मुंह मार रहे हैं। कई जगह कुत्ते कूड़ा भी बिखेर रहे हैं। भले ही शहर कूड़ेदान मुक्त घोषित हो चुका है लेकिन कूड़ेदान की तरह फुटपाथ पर कूड़े से भरे बोरे हर किसी को चिढ़ा रहे हैं। गर्मियों के दिनों में समस्या विकराल हो रही है।
पहले गीला कूड़ा उठाया जाता है। इसके बाद सूखा कूड़ा उठाया जाता है। अगर ऐसी कोई बात है तो सफाई निरीक्षक को कूड़ा समय पर उठवाने के निर्देश दिए जाएंगे।
-वीरेंद्र भट्ट शर्मा, महापौर नगर निगम मंडी