जोगिंद्रनगर (मंडी)। रामलीला के दृश्यों में माता सीता और हनुमान के बीच संवाद के बाद हनुमान ने अशोक वाटिका को तहस नहस किया। पकड़े जाने पर रावण दरबार में हाजिर किए गए। श्रीराम कला मंच के अध्यक्ष पंकज ठाकुर ने बताया कि कलाकारों की ओर से अपने किरदार को बेहतर ढंग से निभाया जा रहा है।
कला मंच के निदेशक चंदन चौहान ने बताया कि रामलीला के दौरान कुंभकर्ण को जगाने के दृश्य को बहुत ही हास्य और मनोरंजन पूर्ण दर्शाया गया। इसमें ढोल नगाड़ों की थाप पर कुंभकुर्ण को जगाया गया। लंकापुरी में राम का संदेश वाहक बन कर पहुंचे अंगद रावण को समझाने के बाद जब वह नहीं माने तो अंत में अपना बल आजमाने के लिए पांव को जमीन पर रख देते हैं। इसे दरबार में मौजूद राजकुमार और राक्षस उठाने में असमर्थ रहने के दृश्य को बहुत ही मनोरंजन व हास्य दृष्य के रूप में दर्शाया गया।