मंडी संसदीय क्षेत्र से सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने सार्वजनिक स्थानों पर कथित अशोभनीय और अश्लील प्रदर्शनों का विरोध करते हुए कहा कि ऐसे व्यवहार को समाज में सामान्य नहीं बनने दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की मौजूदगी वाले सार्वजनिक स्थानों पर सभी को मर्यादा और अनुशासन का पालन करना चाहिए। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में कंगना ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए, लेकिन इसके साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी जुड़ी है।
उन्होंने कहा कि किसी की धार्मिक आस्था, सामाजिक मूल्यों या दूसरे लोगों की भावनाओं को आहत करने का अधिकार किसी को नहीं है। व्यक्ति की स्वतंत्रता वहीं तक है, जहां से दूसरे के अधिकार और सम्मान प्रभावित होने लगते हैं। कंगना ने आरोप लगाया कि उनके इस रुख को लेकर कुछ लोग उनके खिलाफ माहौल बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह देश के स्टार्टअप, नीट में सफल विद्यार्थियों और युवाओं की उपलब्धियों की लगातार सराहना करती रही हैं, लेकिन इन विषयों को अपेक्षित प्रमुखता नहीं मिलती।
उन्होंने युवाओं से अनुशासन, संयम और सामाजिक मर्यादा को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। वीडियो संदेश के अंत में गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि मानव जीवन का उद्देश्य आत्मविकास और श्रेष्ठ मूल्यों की ओर बढ़ना है। साथ ही लोगों से सकारात्मक सोच अपनाने और सामाजिक मर्यादाओं का सम्मान करने का आह्वान किया।