सिविल जज कोर्ट का फैसला, बिना जवाब के केस में ठेकेदार पर एकतरफा डिक्री
संवाद न्यूज एजेंसीमंडी। जेसीबी मशीन के किराए के भुगतान को लेकर चले विवाद में सुंदरनगर सिविल अदालत ने ठेकेदार को 50 हजार रुपये के साथ ब्याज सहित भुगतान करने के आदेश दिए हैं। यह फैसला सिविल जज सुंदरनगर की अदालत ने सुनाया।
मामले के अनुसार सरवन सिंह ने रवि कांत के खिलाफ रिकवरी सूट दायर किया था। वादी ने अदालत को बताया कि 4 अक्तूबर 2022 को मौखिक समझौते के तहत प्रतिवादी ने उनकी जेसीबी मशीन किराए पर ली थी, जिसका किराया 1.20 लाख रुपये प्रतिमाह तय हुआ था। मशीन करीब 11 दिन तक उपयोग में रही, लेकिन 50 हजार रुपये का भुगतान नहीं किया गया।
कई बार मांग के बावजूद भुगतान न मिलने पर 9 जनवरी 2023 को कानूनी नोटिस भी भेजा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में मामला अदालत पहुंचा। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पेश नहीं हुआ, जिस कारण उसे एकतरफा घोषित कर दिया गया।
अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर माना कि सेवाओं का भुगतान बकाया है। इसके तहत 50 हजार रुपये की राशि पर 6 प्रतिशत साधारण ब्याज तथा भुगतान तक 5 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज देने के आदेश दिए गए हैं।