सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौतड़ा। -संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल जोगिंद्रनगर के ग्रामीण क्षेत्र में लगातार पीलिया के मामले सामने आ रहे हैं। मगर स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त सुविधाएं न होने से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। शहर से लेकर गांव तक पीलिया के पांव पसारने से लोगों में दहशत का माहौल है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौंतड़ा में पीलिया के टेस्ट की सुविधा न होने से 10 पंचायतों के लोग परेशानी हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौंतड़ा में ऐहजु, तलकेहड़, मटरू, भड़ियाड़ा, सेंथल पड़ैन, टिकरी मुशैहरा, चौतड़ा और रडाभखेड़, पस्सल मोहनघाटी समेत 10 पंचायतों के लोगों पर्याप्त सुविधाएं न मिलने के कारण बैजनाथ और जोगिंद्रनगर अस्पताल में भटकना पड़ रहा है। सीएचसी चौंतड़ा में हर रोज 100 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। मगर सुविधाओं और संसाधनों का अभाव गंभीर मरीजों का मर्ज बढ़ा रहा है। सीएचसी में प्रयोगशाला और मरीजों के दाखिले के लिए बैड सुविधा तो है, लेकिन लचर व्यवस्था के कारण चार बजे के बाद स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटक जाता है।
उधर, लडभडोल क्षेत्र में 50 बिस्तर का दर्जा हासिल कर चुके नागरिक अस्पताल में चिकित्सक के अधिकतर पद खाली हैं। इस कारण 20 पंचायतों की आबादी को उपचार के लिए निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। पिछले दिनों ही तुलाह पंचायत के एक पीलिया ग्रस्त मरीज को समय उपचार न मिलने से मौत भी हो गई थी। सीएमओ मंडी डॉ. नरेंद्र भारद्वाज ने बताया कि जिले के जिन सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक के पद खाली है, उन्हें भरने के अलावा से सुविधाओं और संसाधनों में विस्तार करने के प्रयास भी जारी है।
उपमंडल में पीलिया पीड़ितो का आंकड़ा 100 के पार
नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में रविवार को भी पीलिया मरीज के उपचार के लिए पहुंचे। गंभीर लक्षण वाले कुछ मरीजों को दाखिल भी किया गया है। उपमंडल में पीलिया के मरीजों का आंकड़ा 100 के पार हो चुका है। अस्पताल में उपचाराधीन कुल 53 मरीजों में अभी 20 से अधिक मरीज रोगी वार्ड में भर्ती हैं। हालत में सुधार आने पर कुछ मरीजों को छुट्टी भी दी गई। एसएमओ डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि पीलिया के सभी मरीजों को उपचार दिलाया जा रहा है।