अईटीआई मंडी में अपनी मांगों को लेकर गेट मीटिंग करते हुए आईएमसी एसडब्ल्यूएफ कर्मचारी
मंडी/कोटली। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) मंडी और कोटली में कार्यरत आईएमसी एसडब्ल्यूएफ कर्मचारियों ने सरकारी उपेक्षा के खिलाफ एकजुट होकर गेट मीटिंग की। कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि नीति में संशोधन किया जाए। उनके साथ हो रहे भेदभाव को तुरंत समाप्त किया जाए। कर्मचारियों में नवीन कुमार और महेश सिंह का कहना है कि 31 जुलाई 2015 से पहले नियुक्त हुए कर्मचारियों को नीति का लाभ मिल रहा है।
उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों को लाभ से वंचित रखा गया है। कर्मचारियों ने बताया कि उनकी नियुक्ति में केवल 8-10 घंटे की देरी हुई, बावजूद उन्हें इस नीति का लाभ नहीं मिल सका। कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं मंत्री राजेश धर्माणी और मुख्यमंत्री सुक्खू तक पहुंचाईं, लेकिन आश्वासन ही मिले।
कर्मचारियों का कहना है कि वे 8-10 वर्षों से नियमित कर्मचारियों के समान कार्य और कर्तव्य निभा रहे हैं। फिर भी उन्हें समान मानदेय और लाभ नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे। संवाद