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शिक्षकों की निष्ठा पर सवाल उठाना उचित नहीं : डॉ. बनीता

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रिक्त पद भरने, डीपीसी और लंबित एरियर जारी करने की उठाई मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिमाचल प्रदेश सरकारी महाविद्यालय प्राध्यापक संघ (एचजीसीटीए) ने सरकारी महाविद्यालयों के शिक्षकों को लेकर हाल में प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों पर आपत्ति जताई है। संघ का कहना है कि कुछ खबरों में तथ्यों का पूरा पक्ष सामने नहीं आने से आम लोगों के बीच शिक्षकों की कार्यप्रणाली को लेकर गलत धारणा बनी है, जिससे प्रदेशभर के महाविद्यालय शिक्षकों का मनोबल प्रभावित हुआ है। संघ की अध्यक्ष डॉ. बनीता सकलानी ने कहा कि सरकारी महाविद्यालय सीमित संसाधनों और लंबे समय से खाली पड़े शिक्षकीय पदों के बावजूद उच्च शिक्षा की जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। शिक्षकों को नियमित अध्यापन के अलावा परीक्षाओं के संचालन, मूल्यांकन, शोध कार्य, प्रवेश प्रक्रिया, प्रशासनिक दायित्वों और विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ती है। इसके बावजूद वे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अतिरिक्त कार्यभार भी निभा रहे हैं।
लंबे समय से दूसरे महाविद्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे शिक्षकों को यात्रा भत्ता और दैनिक भत्ते का भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा कॅरिअर उन्नयन और वित्तीय लाभों से जुड़े कई मामले भी वर्षों से लंबित हैं। ऐसे मुद्दों को दूर करने के बजाय शिक्षकों की निष्ठा पर सवाल उठाना उचित नहीं है। सरकार को व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
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संघ ने सरकार से कॅॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) की अधिसूचना जल्द जारी करने, लंबित विभागीय पदोन्नति समितियों (डीपीसी) की प्रक्रिया पूरी करने, महंगाई भत्ते और वेतन संशोधन से जुड़े एरियर का भुगतान करने तथा सभी रिक्त शिक्षकीय पदों को शीघ्र भरने की मांग की है।
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