जोगिंद्रनगर में बाल वैज्ञानिकों ने दिखाया हुनर का कमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जोगिंद्रनगर में आयोजित दो दिवसीय उपमंडल स्तरीय चिल्ड्रन साइंस प्रतियोगिता में चार सौ से अधिक विद्यार्थियों ने अपने वैज्ञानिक नवाचारों और मॉडलों के माध्यम से शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन, कचरा निष्पादन और शिक्षा में डिजिटल तकनीक के उपयोग पर केंद्रित बाल वैज्ञानिकों के प्रोजेक्ट आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे।
प्रतियोगिता के दौरान शिक्षा विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुनील राणा ने प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और बाल वैज्ञानिकों की रचनात्मकता व प्रतिभा की सराहना की। पीएम श्री स्कूल के प्रधानाचार्य खजान सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रतियोगिता में क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों से आए 400 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक राजेंद्र, गोपाल व अन्य उपस्थित रहे।
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स्मार्ट डिजिटल लाइब्रेरी
प्रतियोगिता के दौरान जोगिंद्रनगर स्कूल की छात्रा ऐमिलिया ने स्मार्ट डिजिटल लाइब्रेरी पर मॉडल प्रस्तुत करते हुए एक विशेष एप और स्कैनर आधारित सिस्टम का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से छात्र आसानी से बिना कागज के उपयोग के प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें खोज सकते हैं और यह जान सकते हैं कि कौन सी किताब किस अलमारी में रखी है।
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सेंसर आधारित वर्किंग मॉडल किया प्रस्तुत
कृषि के क्षेत्र में पानी की बचत और फसल की पैदावार बढ़ाने के उदेश्य से विशाल आर्या पब्लिक स्कूल चौंतड़ा के छात्र नक्ष ने स्मार्ट इरिगेशन सिस्टम पर सेंसर आधारित वर्किंग मॉडल प्रस्तुत किया। वहीं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला द्रुब्बल के छात्र राघव ठाकुर ने वाटर प्यूरीफिकेशन प्रोजेक्ट के जरिए बेहद कम लागत में अशुद्ध पानी को पीने योग्य बनाने की जीवन रक्षक प्रक्रिया साझा की।
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स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम
स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम से जैविक खाद की विधि कचरा प्रबंधन की बढ़ती समस्या पर लडभड़ोल सरकारी स्कूल की छात्रा मानसवी ने स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम के तहत सेंसर से चलने वाले डस्टबिन और सूखे-गीले कचरे से जैविक खाद तैयार करने की विधि प्रदर्शित की। इसके अलावा अन्य बाल वैज्ञानिकों ने भूस्खलन की पूर्व चेतावनी देने वाले अर्ली वार्निंग सिस्टम, बिना बिजली के सूखे कचरे के निष्पादन और वायु प्रदूषण नियंत्रण पर भी कई उपयोगी मॉडल पेश किए।