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Mandi News: ईंधन दरों में बढ़ोतरी से महंगाई ने पकड़ी रफ्तार

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चाय, परांठा और खाने का भी बढ़ा शुल्क, करनी पड़ रही जेब ढीली
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दस रुपये में मिलने वाली चाय अब 15 रुपये में बिक रही
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण दैनिक उपयोग की वस्तुओं के साथ-साथ माल ढुलाई और खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ने लगी हैं। इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है। चाय, पराठा और रेस्टोरेंट के खाने से लेकर सब्जियों और किराना सामान तक महंगे हो गए हैं। हालांकि ऑटो और टैक्सी यूनियन से जुड़े कारोबारियों ने अभी तक किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।


महंगाई के चलते पैक्ड खाद्य पदार्थों में दूध और दही की कीमतों में दो रुपये की वृद्धि हुई है। पहले मंडी शहर में दस रुपये में मिलने वाली चाय अब 15 रुपये में बिक रही है। गैस सिलिंडर की कीमतें बढ़ने के कारण बड़े होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट की तुलना में छोटे कारोबारी अभी भी पुरानी दरों पर ही काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि अपनी मर्जी से कीमतें नहीं बढ़ाई जा सकतीं सभी की सहमति बनने पर ही बढ़ोतरी का निर्णय लिया जाएगा।
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बॉक्स
कभी 1800 रुपये में मिलने वाला व्यावसायिक सिलिंडर अब 3280 रुपये में मिल रहा है। दूध और दही के दाम में दो रुपये की बढ़ोतरी के बाद चाय के दाम में पांच रुपये की वृद्धि की गई है। जबकि 40 रुपये में मिलने वाला ऑमलेट-ब्रेड अब 45 रुपये में दिया जा रहा है। -नीरज कुमार, चाय कारोबारी, मंडी
पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से बड़े मालवाहक चालकों ने मालभाड़े में वृद्धि की है। हालांकि छोटे वाहन चालकों, ऑटो और टैक्सी यूनियन ने अभी तक पुरानी दरों पर ही सेवाएं जारी रखी हैं। यूनियन का कहना है कि जल्द ही बैठक कर किराया बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी और सर्वसम्मति से निर्णय लिया जाएगा।
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-संजय कुमार, प्रधान, सिद्धकाली टैक्सी यूनियन, मंडी
कुछ स्थानों पर खाने की प्लेट के दाम भी बढ़ गए हैं। मंडी शहर में काम कर रहे छोटे ढाबा संचालक अभी भी 80 रुपये प्रति थाली की दर पर ही भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। हालांकि जल्द ही दाम बढ़ाने के लिए प्रशासन से मांग की जाएगी। -मनोज शर्मा, ढाबा संचालक, मंडी
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