रामलीला की सातवीं संध्या में जीवंत मंचन ने दर्शकों को किया रोमांचित
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटली (मंडी)। कोटली के किसान भवन में आयोजित रामलीला की सातवीं संध्या में लंका दहन और विभीषण के श्रीराम की शरण में जाने के प्रसंगों का मंचन किया गया। इन दृश्यों के माध्यम से अहंकार पर साहस और अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शनि देव की आरती से हुआ। जिला परिषद सदस्य हेमलता ने दीप प्रज्वलित कर रामलीला का उद्घाटन किया। उन्होंने कमेटी को 5,100 रुपये दिए और जिला परिषद निधि से 50 हजार रुपये देने की घोषणा की। कमेटी के संस्थापक स्वर्गीय लाभ सिंह ठाकुर के पुत्र जनक राज ने भी 10,001 रुपये का सहयोग दिया। मंचन में दिखाया गया कि हनुमान अशोक वाटिका में माता सीता को श्रीराम का संदेश देते हैं। मेघनाद उन्हें बंदी बनाकर रावण के दरबार में ले जाता है, जहां रावण उनकी पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है। हनुमान इसी आग से लंका जला देते हैं। वहीं, सीता को लौटाने की सलाह देने पर रावण विभीषण को दरबार से निकाल देता है, जिसके बाद वे श्रीराम की शरण में चले जाते हैं। राम की भूमिका नरेंद्र, लक्ष्मण की अनुराग, रावण की ईशान, सीता की साक्षी, विभीषण की भूपेंद्र और हनुमान की भूमिका पंकज ने निभाई। इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी जगदीश चंद्र, कमेटी पदाधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।