मंडी। जिल मंडी में साक्षरता दर बढ़ाने की कोशिशें रंग लाने लगी हैं। 2023-24 में कुल 10,593 निरक्षर लोगों में से 2,265 ने परीक्षा उत्तीर्ण कर साक्षरता हासिल की। हाल ही में आयोजित ओपन बोर्ड की 150 अंकों की फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी असेसमेंट परीक्षा में 2,319 लोगों में से 2,265 सफल हुए, जबकि 54 लोग अब अगले वर्ष परीक्षा में शामिल होंगे।
शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय के उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 22 सितंबर को जिले में पहली बार निरक्षरों के लिए यह परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें औट, बगस्याड, बल्ह, द्रंग-2, निहरी, सदर-2 और रिवालसर के लोगों ने भाग लिया। हालांकि, जिले में अब भी 8428 निरक्षर लोग हैं। इन्हें साक्षर बनाने के लिए मार्च 2024 में अगली परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा में 150 अंकों के तहत 1,000 तक की गिनती, जोड़-घटाव, गुणा-भाग और लेखन कौशल की योग्यता जरूरी है।
इससे पहले वर्ष 2021-22 में जिले के 45,000 लोगों को साक्षर बनाया गया था। सबसे अधिक निरक्षर लोग करसोग-1, करसोग-2, सिराज-1 और गोपालपुर-1 में हैं। 15 से 85 वर्ष आयु वर्ग के उन व्यक्तियों को निरक्षर माना गया है, जिन्होंने दूसरी कक्षा तक पढ़ाई की थी, लेकिन अब लिखना-पढ़ना भूल चुके हैं। जिला को 2027 तक पूर्ण साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इन ब्लॉक की होगी परीक्षा
ब्लॉक निरक्षर
करसोग-1 635
करसोग-2 834
चच्योट-1 581
चच्योट-2 251
चौतंड़ा-1 614
चौतंड़ा-2 618
धर्मपुर-1 216
धर्मपुर-2 205
गोपालपुर-1 894
गोपालपुर-2 296
सिराज-1 900
सिराज-2 1300
द्रंग-1 864
सदर-1 160
साइगलू 256
सुंदरनगर-1 134
सुंदरनगर-2 151
जिला में निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने के लिए विभाग गंभीर है। 2023-24 में 2319 निरक्षर लोगों ने परीक्षा दी थी। इनमें 2261 निरक्षर लोग साक्षर बन गए हैं। आगामी परीक्षा मार्च में करवाई जाएगी।
-कश्मीर सिंह चौधरी, उपनिदेशक, गुणवत्ता नियंत्रक जिला परियोजना अधिकारी।