मंडी। जिला में राष्ट्रीय राजमार्ग-003 के निर्माण कार्य से प्रभावित हो रहे लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। सोमवार को मंडी में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में डीसी अपूर्व देवगन ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन घरों को सड़क की कटिंग से खतरा है वहां तत्काल प्रभाव से सुरक्षा दीवारें (डंगे) लगाई जाएं।
उपायुक्त ने कहा कि इसके लिए भले ही गठित मुआवजा समिति की संस्तुति की प्रतीक्षा न करनी पड़े। डीसी ने कहा कि समिति केवल मुआवजे की अनुशंसा के लिए है, जबकि जीवन और संपत्ति की सुरक्षा प्राथमिकता है। बैठक में विधायक अनिल शर्मा, चंद्रशेखर और दिलीप ठाकुर भी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रभावित घरों के नुकसान के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
यह बैठक निर्माणाधीन हमीरपुर से मंडी वाया धर्मपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-003 की प्रगति और प्रभावित लोगों की शिकायतों के समाधान को लेकर आयोजित की गई थी। इसमें बैठक में सड़क की गुणवत्ता, कटिंग से प्रभावित घरों की सुरक्षा तथा निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
विधायकों ने सड़क निर्माण के दौरान आरओडब्ल्यू (राइट ऑफ वे) के बाहर हुए घरों को नुकसान के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। इस पर शिमला से वर्चुअली जुड़े आरओ मोर्थ एके कुशवाहा ने बताया कि कटिंग से घरों की सुरक्षा के लिए कंकरीट डंगे लगाने का प्रस्ताव दिल्ली भेजा जा चुका है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मंजूरी मिलते ही जरूरत वाले स्थानों पर डंगे लगा दिए जाएंगे। बैठक में एडीएम डॉ. मदन कुमार, परियोजना निदेशक शिमला रोमी धनखड़ व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
तीन चरणों में होगा संयुक्त निरीक्षण
विधायकों की मांग पर निर्माण कार्य का जमीनी जायजा लेने के लिए 23, 24 और 25 नवंबर को तीन चरणों में संयुक्त निरीक्षण करने का निर्णय लिया गया है। 23 नवंबर को मंडी सदर के तहत तल्याहड़ से सीहण तक, 24 को अवाहदेवी से पाड़छु तक और 25 नवंबर को पाड़छु से सीहण तक संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। इस निरीक्षण टीम में संबंधित विधायक, राजस्व, लोक निर्माण, जलशक्ति और बिजली बोर्ड के अधिकारी, मॉर्थ के अधिकारी और कंपनी के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे।