जिले के नदी-नालों और खड्डों में अवैध खनन करना अब क्षेत्र के नौ लोगों को महंगा साबित होगा। विभाग अवैध खनन के नौ मामलों को कोर्ट भेजने की तैयारी कर रहा है। विभाग की ओर से उक्त लोगों को नोटिस भेजकर कार्यालय तलब किया था। कार्यालय में पेशी के दौरान उक्त लोग अपना पक्ष जिला खनन अधिकारी के समक्ष रख सकते हैं। कार्यालय न पहुंचने की सूरत पर मामला कोर्ट में दायर किया जाएगा।
विभाग ने अवैध खनन करने वालों पर शिकंजा कसते हुए जुलाई माह में अवैध खनन के 22 मामले पकड़े हैं। इनमें से 13 मामलों में जिला खनन अधिकारी कुलभूषण की ओर से मौके पर ही जुर्माना वसूला गया। जिला खनन अधिकारी ने 13 अवैध खनन के मामलों में हिमाचल प्रदेश माइनर मिनरल डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन एक्ट 1957 के तहत 90 हजार रुपये का जुर्माना वसूला है, जबकि नौ लोगों को कार्यालय में अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजे हैं।
उक्त लोग यदि तय समय पर अपना पक्ष नहीं रखते हैं तो विभाग की ओर से मामले कोर्ट में दायर किए जाएंगे। उपरोक्त अवैध खनन जिले के विभिन्न जगहों में हो रहा था। जिस पर जिला खनन अधिकारी कुलभूषण ने दबिश देते हुए मौके पर कार्रवाई की। उपरोक्त अवैध खनन के मामलों में बिना एम फार्म, खड्डों से रेत-बजरी निकाल कर ट्रैक्टरों में ले जाना शामिल है। अवैध खनन पर न्यूनतम 45 सौ और अवैध रूप से खड्डों, नदी नालों से टै्रक्टर के माध्यम से रेत बजरी ले जाने पर पांच से 25 हजार रुपये तक जुर्माना किया जा सकता है।
इधर, जिला खनन अधिकारी कुलभूषण शर्मा ने बताया कि अवैध खनन पर 13 मामलों में नब्बे हजार जुर्माना किया गया है। नौ मामलों में नोटिस जारी कर लोगों को तलब किया गया है। कार्यालय में पक्ष रखने के लिए तय समय पर न आने पर सभी मामले कोर्ट में दायर किए जाएंगे।