जोगिंद्रनगर में ऊहल नदी में उतर कर अठखेलिया करता पर्यटक। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मानसून सीजन में नदी-नालों में बाढ़ की चेतावनी को दरकिनार करते हुए प्रवासी, स्थानीय लोग और पर्यटक बेखौफ होकर नहाने और मस्ती करने के लिए उतर रहे हैं। हाल ही में जोगिंद्रनगर के पातकू, विकास खंड चौंतड़ा के मच्छयाल और शहर के साथ लगती गुगली खड्ड में लोग नहाते और अठखेलियां करते हुए देखे गए हैं। कई लोग जान को जोखिम में डालकर सेल्फी ले रहे हैं, जबकि प्रतिबंध के बावजूद मछलियों को पकड़ने का सिलसिला भी जारी है।
मच्छयाल की पवित्र झील में लोग पूजा-अर्चना के दौरान झील के बीच में भी उतर रहे हैं, और रणा खड्ड में भी लोग डुबकियां लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि पर्यटन स्थलों पर पहुंचे पर्यटक पन विद्युत परियोजनाओं की झील के समीप भी डेरा जमाए हुए हैं। वे बरोट स्थित ऊहल नदी और झरनों के बीच अठखेलियां करते हुए तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर रहे हैं, जिससे प्रशासन के आदेशों की खुल्लम-खुल्ला अवहेलना हो रही है।
मंडी जिला प्रशासन ने बाढ़ की चेतावनी जारी करते हुए नदी-नालों के समीप न उतरने की सलाह दी थी, लेकिन लोग प्रशासन के आदेशों और मौसम विभाग के अलर्ट को नजरअंदाज कर मौज-मस्ती कर रहे हैं।
पुलिस को पेट्रोलिंग करने के दिए निर्देश
एसडीएम मनीष चौधरी ने कहा कि उपमंडल के सभी नदी-नालों में उफान की आशंका को देखते हुए आम लोगों और पर्यटकों से दूरी बनाए रखने का आह्वान किया गया है। यदि कोई जानबूझकर अपनी जान जोखिम में डालता है, तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उधर, एसडीएम पधर सुरजीत सिंह ने पुलिस को पेट्रोलिंग करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, ताकि मानसून सीजन में किसी भी अनहोनी घटना से बचा जा सके। प्रशासन का यह प्रयास है कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके