माता बगलामुखी रोप-वे 53 करोड़ रुपये से बनकर तैयार, एसडीआरएफ ने चलाया रेस्क्यू आपरेशन
16 लोगों की क्षमता वाली दो ट्रॉलियां होंगी, 250 रुपये में होगा आना-जाना
स्थानीय लोगों के लिए बनेंगे मासिक पास, चंद मिनट में मंदिर पहुंचेगे पर्यटक
संवाद न्यूज एजेंसी
पंडोह (मंडी)। माता बगलामुखी रोप-वे करीब 53 करोड़ रुपये से बनकर तैयार हो गया है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लेस इस रोप-वे में तकनीकी खराबी आने पर ट्राली अपनी जगह पर वापस लौट आएगी। ट्राली में सवार लोग मझधार नहीं फंसेंगे। इसके लिए बाकायदा दो मोटर का प्रावधान किया गया है। एक मोटर खराब होने पर दूसरी पर तुरंत स्विच किया जाएगा।
यह रोप वे एनएच 21 को माता बगलामुखी मंदिर से जोड़ेगा। एनएच 21 पर कैंची मोड़ से रोप वे बगलामुखी माता मंदिर तक पहुंचेगा। एनएच से चंद मिनटों पर रोप-वे से तुरंत मंदिर तक पर्यटक पहुंचेंगे। यहां बाखरी में नेचर पार्क का भी लुत्फ उठा पाएंगे। रोप-वे में चार जनरेटर लगाए गए हैं। एक मंदिर की तरफ तीन लगे कैंची मोड़ की तरफ है।
रोप-वे को विधिवत रूप से शुरू करने के लिए ट्रायल प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वीरवार को यहां एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन का ट्रायल किया। इसमें ट्रॉफी में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया गया। रोप-वे में 16 लोगों की क्षमता वाली दो ट्रॉलियां हैं। इसमें आवाजाही का कुल 250 रुपये शुल्क होगा। एकतरफा जाने पर 150 रुपये व आने पर 100 रुपये शुल्क रखा गया है।
इस रोप-वे का निर्माण नाबार्ड की मदद से किया गया है। देश में यह पहला रोप-वे है, जिसे नाबार्ड की तरफ से राशि मंजूर की गई है। करीब 700 मीटर लंबे इस रोप-वे की आधारशिला पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने फरवरी 2022 में रखी थी। इस परियोजना को धरातल में उतारने में कई तरह अड़चनें भी आई। एनएच के धंसने के बाद इस परियोजना को खतरा पैदा हो गया था, लेकिन सभी चीजों को तकनीकी रूप से दुरुस्त कर लिया गया।
उधर, रोपवे और रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के उप महाप्रबंधक मुनीश साहनी ने बताया कि रोप-वे बनकर तैयार हो गया है। विधिवत उद्घाटन की तिथि भी जल्द तय होगी।