सीटू के राज्य अध्यक्ष बोले, कामगार बोर्ड ले रहा मजदूर विरोधी फैसले
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मपुर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार बोर्ड पिछले चार साल से मजदूरों की लंबित 500 करोड़ की सहायता राशि जारी नहीं कर रहा है। बोर्ड के चेयरमैन और अधिकारी लंबित राशि को जारी न करने के लिए मजदूर विरोधी फरमान जारी कर रहे हैं। सीटू से जुड़ी निर्माण मजदूर फेडरेशन के राज्य अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर रोष जताया। साथ ही आंदोलन करने के लिए चेताया है।
उन्होंने इस विषय पर चर्चा करने के लिए बोर्ड के चेयरमैन को पत्र लिखकर समय मांगा है। अगर फिर भी सुधार नहीं हुआ तो सीटू से संबंधित यूनियन हमीरपुर में स्थापित बोर्ड दफ्तर पर जल्द प्रदर्शन करेगी। भूपेंद्र ने आरोप लगाया कि जिन मजदूरों ने अपने बच्चों की छात्रवृत्ति, विवाह शादी और अन्य सुविधाओं के लिए वर्ष 2020 में आवेदन जमा करवाए थे, उन्हें अब ई-केवाईसी के लिए लौटाया जा रहा है। बताया कि बोर्ड में पिछले सात महीने से 50 प्रतिशत लंबित क्लेम जारी करने का निर्णय हो रहा है, लेकिन अभी तक दस प्रतिशत मजदूरों को भी वित्तीय सहायता जारी नहीं हुई है। बोर्ड में फैसला होने के बावजूद श्रम कल्याण अधिकारियों को क्लेम फार्म हेड क्वार्टर न भेजने के आदेश जारी किए गए हैं। वह अब जान बूझकर उन आवेदनों पर आपत्तियां लगाई जा रही हैं जो उस समय नियम में ही नहीं थीं।