जोगिंद्रनगर में जंगलों के क्षेत्रों के बीच बनाए गए जल सरोवर और उसमें भरा पानी। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। फायर सीजन में भीषण गर्मी के दौरान अगर नदी-नाले अचानक सूख जाते हैं तो वन मंडल जोगिंद्रनगर में बने तालाब बेजुबानों की प्यास बुझाएंगे। वन परिक्षेत्र जोगिंद्रनगर, कमलाह, उरला, टिकन और लडभड़ोल में वन विभाग द्वारा बनाए गए तालाबों में पानी का भंडारण हो चुका है। इस पानी से जहां जंगली जीव जंतु अपनी प्यास बुझा सकेंगे, वहीं जंगलों में अचानक आग लगने पर उसे बुझाने के भी काम आएगा।
वन मंडल जोगिंद्रनगर के एसीएफ अश्वनी कुमार के अनुसार 25 हेक्टेयर बहुमूल्य वन संपदा के बीच वन परिक्षेत्र कमलाह, धर्मपुर, उरला, टिकन और लडभड़ोल के अलावा जोगिंद्रनगर में भी 30 से 40 हजार लीटर जल भडांरण क्षमता वाले तालाब वन विभाग ने तैयार किए हैं। आठ से दस जल सरोवरों में लाखों लीटर पानी की क्षमता है।
उन्होंने कहा कि इस फायर सीजन में जंगलों को आग से बचाने के लिए वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी फील्ड में मोर्चा संभाले हुए हैं। जंगली जानवरों को भी आग और गर्मी से बचाने के लिए वन विभाग ने अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। उन्हाेंने बताया कि अप्रैल में हुई आग की घटनाओं में अभी किसी भी जंगली जानवर के मारे जाने की जानकारी नहीं मिली है।
वन मंडल जोगिंद्रनगर में फायर सीजन के दौरान जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए भी वन विभाग ने योजना का प्रारूप तैयार कर जल सरोवरों का निर्माण करने सहित जल भंडारण की क्षमता बढ़ाई है। जंगलों को आग की घटनाओं से रोकने के लिए भी विभाग के असंख्य कर्मचारियों ने फील्ड पर मोर्चा संभाला है।
-कमल भारती, वन मंडलाधिकारी जोगिंद्रनगर