मंडी/सुंदरनगर। हिमाचल पथ परिवहन निगम संयुक्त समन्वयक समिति के आह्वान पर मंगलवार को परिवहन निगम कर्मचारियों ने मंडी और सुंदरनगर बस स्टैंड पर गेट मीटिंग कर प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों की मांग है कि परिवहन निगम को रोडवेज बनाया जाए और वेतन, पेंशन और अन्य वित्तीय लाभ का भुगतान करने के लिए बजट का प्रावधान किया जाए।
मंडी बस स्टैंड पर दोपहर को संयुक्त समन्वयक समिति के राज्य सदस्य कृष्ण चंद की अगुवाई में निगम कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कृष्ण चंद ने कहा कि समन्वय समिति की ओर से 12 सूत्रीय मांग पत्र निगम प्रबंधन को सौंपा गया। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 26 मई को शिमला में प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपनी ताकत का अहसास निगम प्रबंधन को करवाना होगा ताकि बार-बार प्रदर्शन करने की आवश्यक न पड़े।
इस मौके पर राजेंद्र पाल, मोहम्मद इम्तियाज, गोपाल सैणी, रोशन लाल, बीरी सिंह, भीखम राम, सुशील कुमार, हेमराज, घनश्याम, अमर सिंह, दिनेश चौहान, भगत राम, रमेश चंद, रतन चंद, जगदीश, दिलीप चंद, मान सिंह, सुरेंद्र सिंह, अशोक, रूप लाल, चांद किशोर, रतन लाल, होशियार सिंह, विपिन कुमार, जयपाल, गिरिधारी लाल, संजय कुमार, देव राज आदि मौजूद रहे।
उधर, परिवहन निगम सुंदरनगर ने मंगलवार को बस स्टैंड परिसर में कृष्ण चंद की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया। निर्णय लिया गया कि जब तक सरकार उनकी मांगों को अमलीजामा नहीं पहनाती है, वह संघर्ष जारी रखेंगे। कर्मचारियों ने मांग की है कि निगम को रोडवेज का दर्जा प्रदान किया जाए और परिचालकों की भर्ती नियमित रूप से की जाए। सभी श्रेणी के कर्मचारियों को कार्य करने पर विशेष वेतन भत्ता दिया जाए। महिला कर्मचारियों के लिए नियमित पॉलिसी बनाई जाए। कर्मचारियों के जीपीएफ और ईपीएफ को तुरंत जमा करवाया जाए। बस में टिकट लेने की पूरी जिम्मेवारी सवारी पर निर्धारित की जाए। सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन पॉलिसी सरकार अपने अधीन ले ताकि कर्मियों को पेंशन समय पर मिल सके। इस मौके पर जेसीसी के प्रधान रमेश कुमार, सचिव प्रकाश चंद, हरी राम, लीलाधर, गुरदयाल, कुलदीप, दया राम, रजनीश, चमन लाल सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।