मंडी। जिला में बुधवार को 390 ग्रामीण और शहरी रूटों पर बसें दौड़ी। एचआरटीसी की बसें 300 और निजी 90 रूट चलीं। सबसे अधिक लाभ ग्रामीण लोगों को मिला है। यहां बसें अधिक चलने से शहर में भी चहलकदमी बढ़ी है और कारोबार में उछाल दर्ज किया जा रहा है। सोमवार तक छह सौ के करीब रूट बहाल होने की उम्मीद है। वीरवार को 110 निजी व 330 निगम की बसों के चलने की उम्मीद है। बुधवार को तीसरे दिन मंडी डिपो की 86, सरकाघाट व धर्मपुर 102, करसोग डिपो में 50, सुंदरनगर 30, जोगिंद्रनगर में 32 रूटों पर बसें दौड़ी।
50 फीसदी सवारियों के साथ बसें चलाई जा रही हैं। हालांकि बस अड्डों में तीसरे दिन भी लोगों की सामान्य भीड़ रही। आरएम सुंदरनगर विनोद कुमार ने बताया कि बुधवार को 30 रूटों पर बसें चली। निजी रूटों पर बसें दौड़ने के चलते रूट नहीं बढ़ सके। बस अड्डा प्रभारी कृष्ण चंद ने बताया कि तीसरे दिन भी 86 रूटों पर निगम की बसें भेजी गई। सवारियों की मांग होने पर ही रूटों को बहाल किया जा रहा है। बुधवार को निजी बसों के चलने पर सवारियों को आवाजाही में कोई परेशानी पेश नहीं आई। सोमवार तक 100 से अधिक रूटों पर बसे चलने की संभावना है। निजी बस ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष गुलशन कुमार दीवान ने बताया कि बुधवार को 90 रूटों पर बसें चलाई गई हैं। लोगों की सुविधा को देखते हुए वीरवार तक 110 तक रूट बहाल होंगे। सोमवार तक 200 रूट बहाल होने के संभावना है। सवारियों को कोई परेशान न आए इसलिए सभी रूट बहाल करने की कोशिश है।