3 माह में केवल 2,944 किशोरियों को लगी वैक्सीन
7,000 के लक्ष्य के मुकाबले बेहद सुस्त रफ्तार
मुफ्त मिल रही जीवनरक्षक वैक्सीन, हिचकिचाहट के कारण परिजन नहीं आ रहे आगे
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। स्वास्थ्य विभाग के एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान को लक्ष्य हासिल करने में अपेक्षित सफलता नहीं मिल रही है। जिले में 7,000 किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया था लेकिन तीन माह में केवल 2,944 किशोरियों को ही वैक्सीन लग सकी है। विभाग का मानना है कि जागरूकता की कमी और भ्रांतियों के कारण अभिभावक टीकाकरण के प्रति पूरी तरह आगे नहीं आ रहे हैं।
करीब 9,000 रुपये मूल्य की यह वैक्सीन सरकार निशुल्क उपलब्ध करा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूलों में जागरूकता शिविर भी लगा रही हैं, फिर भी अभियान की रफ्तार धीमी बनी हुई है।
चिकित्सकों के अनुसार एचपीवी वैक्सीन महिलाओं को सर्वाइकल (गर्भाशय ग्रीवा) कैंसर से 90 से 95 प्रतिशत तक सुरक्षा देती है। साथ ही यह अन्य जननांग कैंसर और एचपीवी संक्रमणों से भी बचाव करती है। समय पर टीकाकरण नहीं होने पर भविष्य में सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
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एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है। यह हमारी बेटियों को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसे जानलेवा रोग से बचाती है। अभिभावक किसी भी भ्रांति या हिचकिचाहट को छोड़कर अपनी बेटियों का टीकाकरण अवश्य करवाएं। -डॉ. दिनेश ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मंडी