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Mandi News: अस्पताल के वार्डों में बिगड़ी व्यवस्था, सुई-ब्लेड से पहले भी जख्मी हुए हैं सफाई कर्मी

Thu, 18 Jul 2024 07:08 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
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क्षेत्रीय अस्पताल मंडी में दोपहर तीन बजे गीले और सूखे कुड़े को अलग करते सफाई कर्मचारी। -संवाद
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मंडी। क्षेत्रीय अस्पताल मंडी के कई सफाई कर्मचारी भी गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग करते सुई और सर्जिकल ब्लेड से जख्मी हो चुके हैं। इसका खुलासा बुधवार को कूड़े को अलग-अलग कर रहे अस्पताल के सफाई कर्मचारियों ने खुद किया। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि हाल में हीमा नाम की सफाई कर्मी के हाथ में भी अस्पताल का कूड़ा अलग करते वक्त सुई चुभ गई थी। इसके बाद उसे उपचार भी दिया गया।
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सफाई कर्मियों ने बताया कि अस्पताल के वार्डों में गीले और सूखा कूड़ा डालने के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखे हैं। मगर तीमारदार और मरीज गीले और सूखे कूड़े को एक साथ ही डाल रहे हैं। कई मरीजों को टीका लगाने और ग्लूकोज आदि चढ़ाने के बाद सुई लगी बोतल को भी डस्टबिन में डाला जा रहा है। इसमें वार्ड सिस्टरों और तीमारदारों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
अस्पताल के सफाई कर्मचारियों ने दावा किया कि बाजार के कई दुकानदार भी रात के समय अस्पताल के कूड़े में अपनी दुकानों का कचरा फेंक रहे हैं। अस्पताल में बड़ी मात्रा में महिला सफाई कर्मचारी हैं। नगर निगम के रोजाना कूड़े को अलग-अलग देने के फरमान के बाद वह रोजाना कूड़ा उठाने के बाद उसकी छंटनी कर रही हैं।
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दबी जुबान में कई महिला सफाई कर्मचारियों ने संक्रमित होने का भी संदेह जताया। उनका कहना है कि जब तक अस्पताल प्रबंधन कूड़े को लेकर तीमारदारों और मरीजों को जागरूक नहीं करता है, तब तक ऐसी ही समस्या बनी रहेगी। वार्ड सिस्टर समस्या के समाधान के लिए अहम भूमिका निभा सकती हैं, क्योंकि वह जहां मरीज भर्ती होते हैं, उनकी निगरानी करती हैं।
उधर, अस्पताल के एमएस डॉ. धर्म सिंह वर्मा का कहना है कि कूड़ा कौन-कौन गिरा रहा है, इसकी जांच की जाएगी। वार्डों में गीला और सूखा कूड़ा डालने के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखे हैं। सफाई कर्मचारियों की हर छह महीने में स्वास्थ्य जांच भी की जाती है, ताकि वह किसी संक्रमण की चपेट में न आएं।


दो सीसीटीवी कैमरे, फिर भी नहीं हो रही पहचान
अस्पताल परिसर में जहां कूड़ा रखा जाता है, वहां सामने दो सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन फुटेज निकालकर यहां बायोमेडिकल अपशिष्ट गिराने वालों की पहचान कर सकता है। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने बायोमेडिकल अपशिष्ट को कमरे में रखने की व्यवस्था की है। मगर फिर भी कूड़े के साथ बायोमेडिकल अपशिष्ट डंपिंग साइट तक पहुंच रहा है। ऐसे में संक्रमण फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। अस्पताल परिसर के चारों तरफ कई मेडिकल क्लीनिक और लैब भी हैं।
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