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हिमाचल प्रदेश: भारी बर्फबारी के बावजूद नहीं टली शादी, 3 से 4 फीट बर्फ के बीच सात किमी पैदल चले दूल्हा-दुल्हन

Sun, 25 Jan 2026 09:04 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।

सार

Mandi Saraj Unique wedding Snowfall:  3 से 4 फीट तक जमी बर्फ, बंद सड़कें और कड़ाके की ठंड लेकिन शादी नहीं रुकी। दूल्हा और दुल्हन करीब 7 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी बारात लेकर दुल्हन के गांव पहुंचा। पढ़ें पूरी खबर...
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बर्फबारी में पैदल चलते दूल्हा और दुल्हन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की सराज घाटी में भारी बर्फबारी के बीच एक ऐसी शादी देखने को मिली, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। 3 से 4 फीट तक जमी बर्फ, बंद सड़कें और कड़ाके की ठंड के बावजूद दूल्हा गितेश ठाकुर करीब 7 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी बारात लेकर दुल्हन के गांव पहुंचा। शादी के बाद दुल्हन उषा ठाकुर भी पैदल ही अपने ससुराल पहुंचीं।

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दूल्हा और उनके परिजन - फोटो : अमर उजाला
यह अनोखी शादी 23 जनवरी को सराज विधानसभा क्षेत्र की केओली पंचायत के बुनालीघार गांव के रहने वाले गितेश ठाकुर की थी। उनकी बारात भैचड़ी गांव जानी थी, लेकिन 23 जनवरी को मंडी जिले में भारी बर्फबारी शुरू हो गई, जो देर रात तक जारी रही। जंजैहली, बगस्याड़, लम्बाथाच कल्हणी, शैट्टाधार और थुनाग सराची समेत पूरे क्षेत्र में कई फीट तक बर्फ जम गई, जिससे सभी सड़कें पूरी तरह बंद हो गईं।

दूल्हा और उनके परिजन - फोटो : अमर उजाला
सड़क बंद होने और अंधेरा छा जाने के बावजूद गितेश ठाकुर ने शादी टालने के बजाय पैदल ही बारात ले जाने का फैसला किया। दूल्हे के पिता देवेंद्र ठाकुर के मुताबिक, गितेश कुछ चुनिंदा बारातियों के साथ बर्फीले और दुर्गम रास्तों से करीब 7 किलोमीटर पैदल चलकर भैचड़ी गांव पहुंचे। भैचड़ी गांव में तीन से चार फीट बर्फ के बीच ही शादी की सभी रस्में पूरी की गईं। सीमित संख्या में बाराती, चारों तरफ बर्फ की सफेद चादर और बेहद सादगी भरा माहौल इस शादी को और खास बना गया। शादी के बाद 25 जनवरी की सुबह करीब सवा सात बजे दुल्हन उषा ठाकुर की विदाई हुई। इसके बाद दूल्हा-दुल्हन और कुछ बारातियों ने दो घंटे की खड़ी चढ़ाई चढ़ी और फिर करीब चार घंटे पैदल सफर कर सुबह करीब 11 बजे बुनालीघार अपने घर पहुंचे।

दूल्हा और उनके परिजन - फोटो : अमर उजाला
'जीवन भर याद रहेगी शादी'
देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि भारी बर्फबारी के चलते रास्तों और पगडंडियों पर बर्फ की मोटी परत जमी हुई थी। ऐसे हालात में पालकी उठाना जोखिम भरा था, इसलिए बिना पालकी के ही दूल्हा-दुल्हन को पैदल लाया गया। पूरी शादी बेहद सादगी से संपन्न हुई, लेकिन हालात के कारण यह शादी जीवन भर याद रहने वाली बन गई।
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दूल्हा व अन्य। - फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया पर वीडियो हो रहे वायरल
स्थानीय लोगों का कहना है कि सराज घाटी में इस तरह की बर्फबारी आम बात है, लेकिन 7 किलोमीटर पैदल बारात ले जाना और दुल्हन को भी पैदल ससुराल लाना बेहद दुर्लभ है। यही वजह है कि यह शादी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी इसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
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