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हिमाचल: हृदय गति रुकने से चली गई जवान सिद्धांत कुमार राणा की जान, 6 साल के मासूम ने दी नायक पिता को मुखाग्नि

Fri, 10 Apr 2026 03:59 PM IST
Ankesh Dogra संवाद न्यूज एजेंसी, लडभड़ोल (मंडी)।

सार

जिला मंडी के ग्राम पंचायत ऊटपुर के रहने वाले भारतीय सेना के नायक सिद्धांत कुमार राणा (शालू) का ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। शुक्रवार को त्रिवेणी श्मशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सैनिक सिद्धांत कुमार राणा का बड़ा बेटा अरमान 6 साल का और छोटा बेटा अहान महज डेढ़ साल का है। पढ़ें पूरी खबर...
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सैन्य सम्मान के साथ दी गई भारतीय सेना के नायक सिद्धांत कुमार राणा को अंतिम विदाई। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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लडभड़ोल तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत ऊटपुर के रहने वाले भारतीय सेना के नायक सिद्धांत कुमार राणा (शालू) का ड्यूटी के दौरान महाराष्ट्र के अहमदनगर में निधन हो गया। बीते गुरुवार सुबह करीब 8 बजे हृदय गति रुकने से उनकी जान चली गई। सैनिक के निधन की सूचना जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

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शुक्रवार को त्रिवेणी श्मशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। महज 34 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कहने वाले सिद्धांत कुमार राणा वर्ष 2012 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वे अहमदनगर में ही तैनात थे और वहां परिवार सहित रह रहे थे। परिवार में उनकी पत्नी मधु राणा, बुजुर्ग माता सुशीला देवी और दो छोटे बेटे हैं। बड़ा बेटा अरमान 6 साल का और छोटा बेटा अहान महज डेढ़ साल का है। सिद्धांत परिवार के इकलौते सहारे थे। बताया जा रहा है कि वह 20 अप्रैल को छुट्टी पर घर आने वाले थे,लेकिन उससे पहले ही इस मनहूस खबर ने परिवार की खुशियां छीन लीं।

जवान बेटे के निधन से माता सुशीला और पत्नी मधु का रो-रोकर बुरा हाल हैं। शुक्रवार को जब नायक सिद्धांत का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो अंतिम दर्शनों के लिए सैकड़ों की संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान 'भारत माता की जय' और 'सिद्धांत कुमार राणा उर्फ शालू अमर रहें' के नारों से आसमान गूंज उठा। पत्नी ने नम आंखों और भारी मन से अपने पति को अंतिम विदाई दी। इस भावुक पल को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं।
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त्रिवेणी श्मशान घाट पर जब 6 वर्षीय मासूम बेटे अरमान ने नम आंखों से अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी, तो वहां का माहौल और भी गमगीन हो गया। श्मशान घाट पर पहुंची सेना की टुकड़ी ने अपने साथी को शस्त्र उल्टे कर अंतिम सलामी दी और पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें विदा किया गया। इस मौके पर लडभड़ोल के नायब तहसीलदार राम पाल बाल्यानी सहित पूर्व सैनिक लीग लडभड़ोल के सदस्यों ने श्मशान घाट पहुंचकर दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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