जोगिंद्रनगर (मंडी)। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मंडी-पठानकोट हाईवे की डगर जोगिंद्रनगर में जोखिम भरी साबित हो रही है। सड़क पर बरसात में पड़े गड्ढे आज तक नहीं भरे गए हैं।
गड्ढों की भरमार के बाद अब सड़क किनारे नाले पड़ चुके हैँ। इस कारण सड़क दो और चार पहिया वाहनों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। रोजाना हादसे का शिकार हो रहे चालकों को राहत दिलाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण खामोश है। जोगिंद्रनगर की आरंभ सीमा से पातकू तक करीब तीन किलोमीटर हाईवे के किनारे इंटरलॉक टाइलें उखड़ी हैंद्ध इससे वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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सड़क किनारे करीब दो फीट गहरे गड्ढे हैं। बारिश से ये भरकर तालाब बन जाते हैं। इन पर दोपहिया चलाने से हादसों की आशंका रहती है। स्टेट हाईवे की सरकाघाट सड़क किनारे भी गड्ढे वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। अब लोगों ने उच्च न्यायालय में भी याचिका दर्ज करवाने की चेतावनी दे दी है। राष्ट्रीय उच्च मार्ग प्राधिकरण के साइट इंजीनियर साहिल जोशी ने कहा कि सड़क का मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद गड्ढे भरने का काम शुरू होगा।
एसडीएम जोगिंद्रनगर कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि जोगिंद्रनगर की हाईवे की दुर्दशा का मामला ध्यान में है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग को इसमें सुधार लाने के लिए कहा गया है।
मंडी-पठानकोट उच्च मार्ग पर सड़क की खस्ता हालत। संवाद