गोहर (मंडी)। जिला स्तरीय ख्योड़ नलवाड़ मेले के आयोजन को लेकर प्रदेश उच्च न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने भाषा एवं संस्कृति विभाग की मेले को लेकर जारी अधिसूचना पर स्टे लगाते हुए सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। इस फैसले से बासा पंचायत को मेला संचालन का अधिकार पुनः मिल गया है, जिससे पंचायत के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
बासा पंचायत के उप प्रधान तरुण कुमार ने उच्च न्यायालय के आदेश की पुष्टि करते हुए कहा कि अब मेला बासा पंचायत के संचालन में ही आयोजित होगा। उन्होंने प्रशासन से सहयोग की अपील की है और आश्वासन दिया है कि मेला धूमधाम से मनाया जाएगा।
गौरतलब है कि वीरवार को भाषा एवं संस्कृति विभाग ने ख्योड़ मेले का आयोजन मंडी जिला उपायुक्त की देखरेख में करने के आदेश जारी किए थे। इसके तहत एसडीएम गोहर की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन भी कर दिया गया था। शुक्रवार को बासा पंचायत ने हाईकोर्ट में सरकार के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की, जिसके बाद हाईकोर्ट ने स्टे जारी कर दिया।
उधर, स्थानीय विधायक विनोद कुमार ने हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘असत्य पर सत्य की जीत’ करार दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत के अधिकारों से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। वहीं, राज्य सहकारी बैंक के चेयरमैन लाल सिंह कौशल ने बासा पंचायत और स्थानीय लोगों पर राजनीतिक लाभ के लिए विवाद पैदा करने का आरोप लगाया था।
बासा पंचायत कर उप प्रधान तरुण कुमार ने कहा है कि जिला स्तरीय ख्योड़ नलवाड़ मेला धूमधाम से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से सहयोग की अपील की है।
17 तक पंचायत को अंतरिम राहत
ग्राम पंचायत उपप्रधान ने सरकार की उस अधिसूचना को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें सरकार ने डीसी मंडी की देखरेख में एसडीएम गोहर को मेला कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया था। उपप्रधान की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 17 सितंबर तक अंतरिम राहत देते हुए सरकार को अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।