प्रशासन और वन विभाग की लापरवाही पर भड़के व्यापारी
बंद कलवर्ट और कूहलों से पाइप हटाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
चौंतड़ा (मंडी)। चौंतड़ा और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार रात हुई मूसलाधार बारिश से भारी नुकसान हुआ। चौंतड़ा बाजार में राष्ट्रीय राजमार्ग और सैंथल रोड जलमग्न हो गए। पानी की निकासी न होने से करीब 20 दुकानों में पानी और कीचड़ घुस गया, जिससे दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।
निकासी व्यवस्था ठप होने से जंगलात नर्सरी का पानी अंकुश भाटिया की दुकान में घुस गया और करीब तीन लाख रुपये के वस्त्र खराब हो गए। राजू हार्डवेयर, विपिन सोनी, शिवानी गारमेंट्स, सरकारी राशन डिपो, नरेश सूद किराना, चंदन मनियारी, राणा शूज, सनेह ब्यूटी पार्लर और साई हार्डवेयर सहित कई दुकानों में भी जलभराव हुआ। बारिश थमने के बाद वीरवार को लोक निर्माण विभाग ने बंद नालियों को खोलने का काम शुरू किया।
व्यापारी अंकुश भाटिया ने नुकसान के लिए राजस्व और वन विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से निशानदेही न होने के कारण पानी के पारंपरिक रास्ते बंद हैं। वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग का पानी सैंथल रोड पर आने से वहां के व्यापारी भी नुकसान झेल रहे हैं।
व्यापार मंडल चौंतड़ा के प्रधान अनिल ठाकुर ने प्रशासन से राष्ट्रीय राजमार्ग पर बंद कलवर्ट को तुरंत खोलने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि जल शक्ति विभाग ने पेयजल पाइप नालियों के भीतर बिछा रखे हैं, जिससे पानी का प्राकृतिक बहाव बाधित होकर दुकानों की ओर मुड़ रहा है। व्यापारियों ने समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।