क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सुंदरनगर उपमंडल में लाखों रुपयों का नुकसान हुआ है। अभी तक बारिश के कारण क्षेत्र में 6 गौशालाएं ढही हैं और 11 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। सुंदरनगर-सलवाणा सड़क भी बारिश के कारण बाधित रही। सुंदरनगर-करसोग सड़क को खोलने के प्रयास भी जारी है। पौड़ा कोठी मार्ग को सोमवार को खोल दिया गया है। जिसके कारण वहां फंसी परिवहन निगम की बस को निकाला दिया गया है। बारिश के कारण हुए नुकसान को लेकर प्रशासन की ओर से भी आकलन करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
सोमवार को एसडीएम ने प्राकृतिक आपदा प्रबंधन को लेकर एक बैठक का भी आयोजन किया। जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों भी उपस्थित थे। बैठक को संबोधित करते हुए एसडीएम राजीव कुमार ने सभी अधिकारियों को वर्तमान में हो रही भारी बारिश के कारण हो रहे नुकसान का समय-समय पर जायजा लेने को कहा। उन्होंने पटवारियों तथा पंचायत सचिवों को उनके क्षेत्र में हो रहे नुकसान की रिपोर्ट प्रतिदिन उनके कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर 11 जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं।
उन्होंने आईपीएच के अधिकारियों को भी भारी बारिश के कारण बाधित पेयजल योजनाओं को शीघ्र बहाल करने को कहा। उन्होंने तहसीलदार को तीन दिनों के भीतर नुकसान की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। जानकारी के अनुसार बारिश के कारण डिनक निवासी खूबराम, डुगराई निवासी प्रेम सिंह तथा रडू निवासी बालकूराम के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। महादेव में निर्मला देवी के मकान में दरारें आ गई हैं। रामदास निवासी नैहरा का स्लेटपोश मकान करीब 40 फीसदी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो चुका है। मंगलू राम निवासी रोपड़ी का रसोईघर भी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। चूहड़ू राम निवासी सध्याण का दो कमरों का मकान और रेलूराम निवासी स्यांजी के मकान को बारिश के कारण नुकसान पहुंचा है। रोहांडा में मोहन लाल के दो कमरों के पक्के मकान पर ल्हासा गिर गया। जिसके कारण उसका करीब ढाई लाख का नुकसान हुआ है और मकान ल्हासे के नीचे दब गया है। चांदूराम निवासी किबरू का सात कमरों का मकान साथ लगती पहाड़ी से गिरे लहासे की चपेट में आ गया। जिसके कारण उसका करीब चार लाख का नुकसान हुआ है। अमर सिंह और रुपलाल निवासी मंगलाह, नंदलाल निवासी रड़ा, नंदलाल निवासी मंगलाह, राम सिंह निवासी महादेव, रामदेव निवासी घंाघल तथा निशांत निवासी महादेव की गौशाला भी बारिश के कारण ढह गई है।