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उपजाऊ जमीन बही, घरों पर गिरीं चट्टानें

Sat, 08 Aug 2015 06:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी, गोहर, बलद्वाड़ा, सरकाघाट
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जिले में शुक्रवार रात्रि से जारी बारिश ने विभिन्न जगहों में खूब कहर बरपाया है। बारिश से उपजाऊ भूमि बह गई। वहीं, चट्टानें और मलबा गिरने से कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई गौशालाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। एनएच 21 पर बस स्टैंड मंडी के पास पेड़ गिरने से यातायात आंशिक रूप से बाधित रहा। ल्हासा गिरने से सड़कें अवरुद्ध हैं। विभागीय मशीनरी सड़कें बहाल करने में जुटी हुई हैं।
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शहर के वार्ड नंबर 10 में चट्टानें गिरने से एक मकान को क्षति पहुंची है। मकान मालिक लेखराज ने बताया कि उनके मकान का एक कमरा और रसोई घर को नुकसान पहुंचा है। वहीं एनएच-21 पर मंडी बस स्टैंड के पास पेड़ गिर गया। जिससेे यातायात आंशिक रूप से बाधित रहा। उधर, गोहर क्षेत्र में भारी बारिश से किसानों की उपजाऊ जमीन बह गई है तथा वन संपदा को भी भारी नुकसान पहुंचा है। लोक निर्माण विभाग की सड़कों पर ल्हासे और मलबा गिरने से चैल जंजैहली और कोट देवी दहड़ सड़क बार-बार बाधित हो रही है। डडौर-तत्तापानी सड़क पिछले एक सप्ताह से बंद पड़ी हुई है। ज्यूणी खड्ड भी उफान पर है।
लोनिवि के गोहर स्थित अधिशाषी अभियंता नंद लाल चौहान ने बताया कि विभागीय मशीनें सड़कों से मलबा और पत्थर हटाने में लगी हुई है। तहसीलदार थुनाग विद्याधर नेगी ने बताया कि सड़कों पर पत्थर गिरने से यातायात बाधित हो रहा है। जान माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। इधर, टड्ीधार त्रिफालघाट रोड, ठाणा, चौकी रोड, डल अलरमेगी रोड, पर ल्हासे गिरने से सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं।
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वहीं सुलपुर-वादी रास्ता खड्ड में पानी ज्यादा आने से बाधित हो गया है। ठाणा चौकी सड़क पर ल्हासा गिरने से सरकाघाट डिपो की एक बस फंसी है। लोक निर्माण विभाग बलद्वाड़ा के सहायक अभियंता अरविंद भारद्वाज के अनुसार बंद पड़ी सड़कों को विभाग शीघ्र खोलने का प्रयास कर रहा है। वहीं, सजाओपिपलु पंचायत के तहत वीड़ गांव में भारी बारिश से नाथ पुत्र कन्हैया राम का दो कमरों का मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। घटना के समय सभी परिजन घर में मौजूद थे, लेकिन ल्हासे गिरने की आवाज होने पर सभी बाहर निकल गए। घटना में करीब चार लाख का नुकसान आंका गया है। स्थानीय स्कूल की दीवार भी बारिश से ढह गई। वहीं प्ले ग्राउंड बह गया।
भारी बारिश से कौहण गांव में एक गौशाला, तीन मकान और एक मंदिर को भी खतरा बना है। ब्यास नदी उफान में होने के कारण मंडी शहर के पंचवक्त्र मंदिर के समीप रहने वाले झुग्गी-झोंपड़ी वालों को सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट किया गया। प्रशासन की ओर से झुग्गी-झोंपड़ी वालों को नदी किनारे नहीं जाने के लिए हिदायत दी गई है। सुरक्षित स्थानों में ले जाए लोगों में झुग्गियों के प्रधान खाना राम, ओम प्रकाश, नानकू, राम लाल, नंदलाल और लौहरी सहित अन्य सदस्य शामिल हैं।
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