कटौला/लांगणा/सरकाघाट (मंडी)। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जिला में तबाही मचा रखी है। जोगिंद्रनगर क्षेत्र के लांगणा में नाले का पानी खेतों में घुसने से खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। क्षेत्र के बल्ह-प्रेण मुहाल के घोर सुजाणु नाले में गाद भरने के कारण नाले का पानी किसानों के खेतों में घुस गया। जिससे लांगणा पंचायत के प्रैण मुहाल व रजड़ीहार पंचायत के डोल मुहाल के कई किसानों की धान की फसल तबाह हो गई।
स्थानीय निवासी घमंडा राम, ओम चंद, निदेश, भूप सिंह, शांति राम, पूर्ण चंद, हंस राज, बबली, प्रेम चंद, पृथ्वी चंद, मीना देवी, होशियार चंद आदि ने बताया कि बसाही से नेरी कांढापतन पुल तक सड़क के लिए कटिंग की गई मिट्टी डंपिंग साइटों में न डाल कर जगह जगह जंगलों के बीच और नालों के मुहानों पर फेंकी जा रही है। डंपिंग साइटों में क्रेट वायर भी नहीं लगाए गए हैं। लांगणा मुहाल के पटवारी परमेश्वरी दास ने बताया कि उन्होंने स्थानीय पंचायत प्रधान के साथ प्रभावित स्थलों का दौरा किया है। जिसमें लांगणा पंचायत के प्रैण मुहाल में छह बीघा तथा रजड़ीहार पंचायत के डोल मुहाल में लगभग 15 बीघा भूमि में लोगों की फसलें तबाह हुई हैं। उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है।
इलाका उत्तरशाल की ग्राम पंचायत कमांद में बुधवार रात करीब एक बजे भारी बारिश के कारण धारठा गांव के डागणू राम और परस राम पुत्र भाग चंद के दो घराट भूस्खलन से दब गए। इन घराटों के अंदर रखा अनाज और अन्य सामान भी दब गया है। कमांद वृत्त पटवारी मणी चंद ने रिपोर्ट तैयार की है। इस दौरान उपप्रधान मोहम्मद अली, बीडीसी देवी चंद, वार्ड पंच कांशी राम ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि प्रभावितों को नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
चौहारघाटी की बथेरी पंचायत के ठाहा गांव में गत रात भारी बारिश के कारण स्थानीय निवासी किशन चंद पुत्र चुहड़ा राम के मकान को खतरा पैदा हो गया है। मकान के कोने पर भूस्खलन होने से मकान को खतरा हो गया है। साथ ही अलगन गांव के प्रेम सिंह पुत्र दौलत राम के मकान को भी खतरा हो गया है। पटवारी बथेरी चेत राम और प्रधान बथेरी कर्म सिंह ने मौका कर रिपोर्ट तैयार कर ली है। बथेरी आसा-कटौला रोड में घराट नाल के पास भूस्खलन से मार्ग बंद हो गया है। करीब एक बजे लोनिवि द्वारा उक्त मार्ग पर जेसीबी लगा कर मार्ग को बहाल कर दिया गया।
उपमंडल सरकाघाट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर के नीचे की जमीन धंसने के कारण भवन को गिरने का खतरा पैदा हो गया। घुमारवीं-सरकाघाट सुपर हाईवे का निर्माण करने वाली कंपनी ने बिना सुरक्षा दीवार दिए जमीन को सड़क को चौड़ा करने के लिए खोद डाला। स्थानीय निवासियों के विरोध और अस्पताल में कार्यरत डाक्टर और अन्य स्टाफ के अनुरोध को भी कंपनी के अधिकारियों ने अनदेखा कर दिया और गत तीन दिनों से भारी बारिश के चलते अस्पताल के आंगन में दरारें पड़ गई हैं। गोपालपुर विकास खंड की पौंटा और फतेहपुर पंचायतों के दो दर्जन गांवों को स्वास्थ्य सुविधा देने वाले इस अस्पताल का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है।
ग्रामपंचायत पौंटा की प्रधान शकुंतला देवी, फतेहपुर के राकेश कुमार, उपप्रधान फतेहपुर राकेश कुमार, पौंटा के अमर सिंह, पूर्व प्रधान विजय शर्मा, बलवीर सिंह, रमेश कुमार, राज पाल, रूप लाल, अनंत राम, रतन चांद, अनंत राम का कहना है कि सुरक्षा दीवार के बिना सड़क की खुदाई न करने का अनुरोध किया था। स्वास्थ्य केंद्र में कायर्रत डॉ. किरण ठाकुर ने बताया कि उन्होंने इस बारे में खंड चिकित्सा अधिकारी बलद्वाड़ा को पूरी स्थिति से अवगत करवा दिया गया है। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीएल वर्मा ने बताया कि प्रशासन और कंपनी से शीघ्र सुरक्षा दीवार लगाने को कह दिया गया है।
पटड़ीघाट में बुधवार रात को भारी बारिश से नर्बदा देवी की गौशाला पर चट्टान जा गिरी। जिससे गौशाला ध्वस्त हो गई। ग्राम पंचायत के प्रधान लेख राम ठाकुर, वार्ड पंच अशोक कुमार ने घटना स्थल का मौका किया। पटवारी खुशबू शर्मा ने नर्बदा देवी की गौशाला लगभग 60 हजार का नुकसान आंका है।