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लाखों की आबादी की सेहत पर संकट

Tue, 31 May 2016 10:26 PM IST
मंडी
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डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला
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सरकाघाट (मंडी)। सिविल अस्पताल सरकाघाट में भवन और डाक्टरों की कमी से मरीजों और तीमारदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जोगिंद्रनगर की बसाही धार से नीचे की 6 पंचायतों के साथ धर्मपुर और सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र तथा हमीरपुर के टौणी देवी और भोरंज क्षेत्र की लाखों की आबादी स्वास्थ्य सुविधाएं के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। लेकिन, अस्पताल में भवन की कमी के कारण क्षेत्र के लोगों को इलाज के मंडी और हमीरपुर का रुख करना पड़ रहा है।
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विशेषज्ञ डाक्टरों की भारी कमी है। पिछले वर्ष मुख्यमंत्री ने अस्पताल में दो सौ बिस्तरों की व्यवस्था करने की घोषणा की थी, लेकिन यह पूरी नहीं हो पाई। प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की ओर से यहां डाक्टरों के 17 पद स्वीकृत हैं लेकिन दस चिकित्सक ही आपातकालीन ड्यूटी के साथ रोगियों का उपचार करते हैं। अस्पताल में आठ वर्षों से हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग और एनेस्थिसिया के विशेषज्ञ डाक्टर नहीं हैं। क्षेत्र के लोगों को हमीरपुर और मंडी जाकर निजी अस्पतालों में उपचार करवाना पड़ता है।

सरकारी कागजों में अस्पताल में सौ बिस्तरों की व्यवस्था है। लेकिन वास्तव में कुल 70 बिस्तर ही लगते हैं। सरकार की बेरुखी और भाजपा एवं कांग्रेस के नेताओं की इस अस्पताल के प्रति बेरुखी के चलते लोगों में गहरा रोष है। मंडी रेडक्रास सोसायटी की ओर से दो वर्ष पूर्व 35 लाख रुपये की डिजिटल एक्स रे मशीन तथा ब्लड बैंक का उपकरण आने पर भी जगह की कमी के चलते इसे अन्य अस्पतालों को दे दिया गया। जिला परिषद सदस्य राजकुमार, हंसा देवी, भूपेंद्र सिंह, पंचायत प्रधानों में कमलेश कुमार, प्रताप सकलानी, यश पठानिया, पवन कुमार ने शीघ्र ही इस अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों की नियुक्ति और आधुनिक भवन की मांग की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी डा. देशराज ने कहा कि अस्पताल में चल रही समस्या के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी के चलते समस्या आ रही है।
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