मंडी। जन्म के बाद सुनने में असमर्थ डहणू पंचायत के जौर्य के कानों में अब मधुर ध्वनि की गूंज सुनाई देने लगी है। अब वह बातों को न केवल सुनता है बल्कि स्कूल में पढ़ाई कर रहा है। यह सब मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से मिली आर्थिक सहायता से संभव हो पाया है। सहायता राशि से पीजीआई चंडीगढ़ में ऑपरेशन कर शरीर में श्रवण यंत्र लगाया गया है। इससे जौर्य के साथ-साथ उसके माता पिता के जीवन में भी खुशियां लौटी हैं।
बल्ह की डहणू पंचायत की शकुंतला देवी पत्नी दीवान चंद ने बताया कि 2018 में उनके घर बेटे जौर्य का जन्म हुआ। एक वर्ष की उम्र में पता चला कि जौर्य को सुनने में कठिनाई है। उसे पीजीआई चंडीगढ़ ले गए। मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के बारे में जानकारी प्राप्त होने पर फरवरी 2023 में आर्थिक मदद के लिए आवेदन किया।
प्रदेश सरकार से जुलाई 2023 में उन्हें दो लाख रुपये की पहली किस्त प्राप्त हुई। अगस्त में ढाई लाख रुपये की दूसरी किस्त मिली। इससे बेटे के उपचार में उन्हें काफी मदद मिली। पहले जहां बेटे के साथ इशारों में बात करनी पड़ती थी, वहीं इस ऑपरेशन के बाद उसे सुनाई देने लगा है। जौर्य राजकीय प्राथमिक पाठशाला डहणू में दूसरी कक्षा में पढ़ रहा है। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि प्रदेश सरकार की कल्याणकारी नीतियों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन सभी विभागों के साथ मिलकर प्रयास कर रहा है। मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत जरूरतमंद पात्र व्यक्तियों को सहायता राशि प्रदान की जा रही है। संवाद