मंडी। नगर निगम के वार्डों में कूड़ा शुल्क एकत्रिकरण के कार्य की निगम प्रबंधन समीक्षा करेगा। नियमित रूप से शुल्क न वसूलने को लेकर नगर निगम के पास शिकायतें पहुंच रही हैं। इस पर पार्षदों ने हाउस में चर्चा भी की। निर्णय लिया है कि कूड़ा शुल्क की राशि एकत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने पड़ेंगे। महापौर वीरेंद्र भट्ट शर्मा ने कहा कि कूड़ा शुल्क एकत्रिकरण कार्य की निगम समीक्षा कर फैसला लेगा।
अभी वार्डों में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कूड़ा शुल्क वसूल कर रही हैं। निगम प्रबंधन को शहर के अलग-अलग वार्डों के नागरिकों की शिकायतें मिल रही हैं कि महिलाएं नियमित आधार पर कूड़ा शुल्क एकत्रित नहीं करती हैं। दो-चार महीनों का एक साथ कूड़ा शुल्क लिया जा रहा है।
नवंबर में हुए हाउस में पार्षदों और अधिकारियों ने कूड़ा शुल्क को लेकर मंथन किया था। इसमें निर्णय लिया है कि कूड़ा शुल्क की राशि एकत्रित करने के विषय में ठोस कदम उठाने होंगे। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं सही तरीके से कार्य नहीं कर रही हैं। इसके स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था देखी जाए।
इनकी कार्य प्रणाली से निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा है। ऐसे में किसी अन्य एजेंसी को काम दिया जा सकता है। दिसंबर में होने वाली सदन की बैठक में इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। नगर निगम प्रति घर कचरा उठाने के 50 रुपये शुल्क वसूल कर रहा है। पांच माह का एक साथ 250 रुपये तक लोगों को शुल्क चुकाना पड़ता है।
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कूड़ा शुल्क को लेकर पिछले माह सदन की बैठक में मंथन किया गया है। सुधार न होने की स्थिति पर इस कार्य को अन्य एजेंसी को देने पर मंथन किया गया है। शहर के विकास के लिए निगम आय बढ़ाने को लेकर गंभीर है।
- वीरेंद्र भट्ट शर्मा, महापौर नगर निगम मंडी।