मंडी में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आगाज
5 जिलों के 35 लाइसेंसधारी ऑपरेटर ले रहे भाग
एंटीना से लेकर सैटेलाइट तक का मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। हिमाचल की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में प्राकृतिक आपदा के दौरान सड़क, बिजली और दूरसंचार नेटवर्क ठप हो जाते हैं। ऐसे समय में हैम रेडियो राहत और बचाव दलों के लिए संपर्क का विश्वसनीय माध्यम साबित होता है। इसी उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी की ओर से डीआरडीए सभागार में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने बताया कि 20 से 22 अगस्त तक चलने वाले प्रशिक्षण में पांच जिलों के 35 लाइसेंसधारी प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें मंडी के 20, कुल्लू के छह, लाहौल-स्पीति के चार, बिलासपुर के तीन तथा हमीरपुर और कांगड़ा का एक-एक प्रतिभागी शामिल है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में हासिल तकनीकी ज्ञान का उपयोग आपदा के समय जनसेवा में करने का आह्वान किया, ताकि प्रदेश में प्रशिक्षित हैम रेडियो ऑपरेटरों का मजबूत नेटवर्क तैयार हो सके।
एमेच्योर रेडियो भारत (ऑस्कर इंडिया) के प्रशिक्षक नीलकंठ चटर्जी, विल्किस वॉल्टर जैम्स और सयानी डे प्रतिभागियों को रेडियो संचालन, आपातकालीन संचार प्रोटोकॉल और उपकरणों के व्यावहारिक इस्तेमाल का प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण में एंटीना से लेकर सैटेलाइट आधारित संचार तकनीक तक की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षकों के अनुसार, पारंपरिक संचार नेटवर्क ध्वस्त होने पर हैम रेडियो से सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान राहत एवं बचाव कार्यों को गति दे सकता है।