नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर की ओपीडी में उमड़ी मरीजों की भीड़। संवाद
जोगिंद्रनगर (मंडी)। नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में गायनी विशेषज्ञ चिकित्सक के अवकाश पर जाने से अब गायनी वार्ड में महिलाओं के दाखिले भी प्रभावित होने लगे हैं। गायनी ओपीडी में आने वाली गर्भवती महिलाएं रोजाना बिना उपचार लौट रही हैं। सबसे बड़ी दिक्कत प्रसव पीड़ा से कराह रही महिलाओं को झेलनी पड़ रही है, जिन्हें आपात स्थिति में 80 से 100 किलोमीटर दूर टांडा और नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ रहा है।
करीब दस दिन से जोगिंद्रनगर अस्पताल में गायनी विशेषज्ञ चिकित्सक अवकाश पर है। इसके कारण 100 बिस्तरों वाले अस्पताल में गायनी के रोगों की महिला मरीजों को यह दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। हालांकि अस्पताल की विभिन्न ओपीडी में तैनात विशेषज्ञ चिकित्सक महिला मरीजों को भी उपचार दिला रहे हैं, लेकिन गर्भवती महिलाओं का उपचार प्रभावित हो रहा है।
उपमंडलीय अस्पताल में हर रोज करीब 100 महिलाएं गायनी ओपीडी में उपचार लेने पहुंचती हैं। पूरे उपमंडल से प्राथमिक उपचार हासिल करने के साथ गायनी रोगों के उपचार के लिए महिलाएं पहुंचती हैं। यहां पहले दो स्त्री रोग विशेषज्ञ थे। इनमें एक विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति टांडा में पढ़ाई के लिए होने के बाद अब एक गायनी विशेषज्ञ चिकित्सक के हवाले ही महिलाओं का उपचार निर्भर किया गया है। जिनके अवकाश पर चलते दिक्कतें बढ़ गई हैं।
उधर, एसएमओ डॉ. रोशन लाल कौंडल ने बताया कि नागरिक अस्पताल जोगिंद्रनगर में उपचार के लिए पहुंच रही महिलाओं को ओपीडी में तैनात विशेषज्ञ चिकित्सक और चिकित्साधिकारी भी उपचार दिला रहे हैं। अगले सप्ताह से गायनी ओपीडी में भी महिला मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सक से स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।