लोहड़ी पर्व में परोसी जाने वाली खिचड़ी तैयार करने के लिए करियाना दुकान में खरीदारी करते लोग। स
जोगिंद्रनगर (मंडी)। जोगिंद्रनगर में लोहड़ी का पर्व हर्ष के साथ मनाया गया। छोटे बच्चों के साथ महिलाओं की टोलियां भी घर-घर पहुंचीं। लोहड़ी पर्व पर मायके से नई दुल्हनें भी ससुराल लौटीं, वहीं किसानों ने अपनी फसलों की वृद्धि के लिए भी कामना की। सोमवार को जोगिंद्रनगर शहर में महिलाओं की टोलियों ने लोहड़ी गाकर त्योहर की खुशियां घर-घर बांटीं।
स्थानीय कारोबारियों अजय बावा, संजय कुमार, सुशील शर्मा, लकी की ओर से खीर का भंडारा लगाया। लोहड़ी पर्व पर सजे बाजारों में लोगों ने मूंगफली, रेवड़ी के अलावा देसी घी की गजक की खरीदारी की। देर शाम घर-घर लोहड़ी का दहन कर परिवार, क्षेत्र, प्रदेश और देश की सुख समृद्धि, विकास की कामना की।
ज्योतिषाचार्य लेख राज शर्मा ने बताया कि लोहड़ी पर्व उत्तर भारत का सबसे शुभ पर्व माना गया है। इसके साथ ही नए साल का आगाज भी हो गया। प्रदेश के कुछ जिलों में लोहड़ी का पर्व अलग-अलग परंपराओं और अंदाज के साथ भी मनाया जाता है। मंडी और कांगड़ा जिले में लोहड़ी पर्व पर अग्नि में मूंगफली, रेवड़ी का दहन करने की परंपरा है।
आज हर घर परोसी जाएगी खिचड़ी
मकर संक्रांति पर हर घर में खिचड़ी बनाई जाएगी। इसे दूध, दही और देसी घी के साथ परोसा जाएगा। रेस्तरां और ढाबों में भी उड़द की दाल की खिचड़ी का जायका मिलेगा।
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