मंडी। साहब... पिछले चार महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। घर का खर्चा और बच्चों की फीस भरने के लिए दूसरों के आगे हाथ फैलाने पड़ रहे हैं। यह फरियाद वीरवार को मंडी जिला के 14 ब्लॉकों में कार्यरत ग्राम रोजगार सेवकों ने खंड विकास अधिकारी के माध्यम से विभाग के निदेशक को भेजे ज्ञापन में रखी।
सुबह के समय ज्ञापन सौंपने के बाद दोपहर को ग्राम रोजगार सेवकों की बैठक मंडी में जिला प्रधान मंजुल ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। ग्राम सेवकों ने बताया कि उनकी नियुक्ति 2008 में मनरेगा के तहत हुई थी लेकिन पिछले चार माह से वेतन नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग रखी कि समस्या का समाधान तभी होगा जब ग्राम रोजगार सेवकों को ग्रामीण विकास विभाग के रिक्त पड़े पदों में समायोजित किया जाएगा। उन्होंने आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में ग्राम रोजगार सेवकों को ग्रामीण विकास विभाग में मर्ज करने की मांग रखी है।
जिला प्रधान मंजुल ठाकुर ने बताया कि ग्राम रोजगार सेवकों को ग्रामीण विकास विभाग के पंचायत सचिवों के बराबर नियमित वेतनमान तो दिया जाता है लेकिन कुछ वित्तीय लाभ नहीं दिए जा रहे हैं। पहले महंगाई भत्ता और इंक्रीमेंट का लाभ मिल रहा था लेकिन जनवरी 2023 से महंगाई भत्ता और अब इंक्रीमेंट भी बंद कर दी है। इस वजह से ग्राम रोजगार सेवकों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।