मंडी। कृषि बिलों के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में सीटू के आह्वान पर विभिन्न यूनियनों ने सेरी चानणी में धरना-प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए जमकर हल्ला बोला। इस दौरान सीटू ने मांग उठाई कि किसानों के ऊपर दर्ज किए गए सभी केस बिना शर्त वापस लिए जाएं। अन्यथा राष्ट्रीय स्तर पर किसानों के समर्थन में आंदोलन को तेज किया जाएगा।
इस मौके पर भवन एवं सड़क निर्माण यूनियन, रेहड़ी-फड़ी यूनियन संबंधित सीटू और किसान सभा सदर के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सीटूू के सचिव राजेश शर्मा ने कहा कि दिल्ली में किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ 6 दिन से संघर्षरत हैं और सरकार अभी तक अड़ियल रवैया अपनाए हुए है, इसके अलावा किसान इलेक्ट्रिसिटी बिल 2020 का भी विरोध कर रहे हैं। किसानों के ऊपर हरियाणा और दिल्ली पुलिस ने बर्बरता की। इसका कड़ा विरोध जताया जाता है। किसानों को अनाज की कीमत नहीं दी जा रही है। ऊपर से मंडियों को खत्म कर अनाज की खरीद बड़े कारपोरेट और व्यापारियों के हवाले ऐसे कानूनों के तहत किया जाएगा, जो किसानों को मान्य नहीं हैं। इसके अलावा ठेका खेती और एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट में जो बदलाव किए गए हैं, उससे कालाबाजारी बढ़ेगी और आम जनता पर महंगाई का बोझ पड़ेगा। इस अवसर पर उपाध्यक्ष परसराम, भवन एवं सड़क निर्माण यूनियन नेता शेर सिंह, रेहड़ी फड़ी से सुरेंद्र और किसान सभा से गोपेंद्र ने भी संबोधित किया।