माकपा ने चेताया, जनता को लामबंद कर सभी जगह करेंगे विरोध प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। प्रदेश सरकार ने न्यूनतम किराया पांच से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया है। इस फैसले को सीपीआई (एम) मंडी जिला इकाई ने जनविरोधी करार दिया है। सीपीआई (एम) मंडी जिला सचिव कुशाल भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में रेल सुविधा के अभाव में बस सेवा ही आवागमन का एकमात्र साधन है। ऐसे में न्यूनतम बस किराये को दोगुना कर प्रत्यक्ष तौर पर प्रदेश की आम जनता पर आर्थिक बोझ डाला गया है।
कुशाल भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश में पहले से ही भारी भरकम किराया वसूल किया जा रहा है। अब न्यूनतम बस किराये को दोगुना करने से गरीब और मध्य वर्ग पर भारी बोझ पड़ेगा। इससे पहले प्रदेश सरकार ने स्कूल बसों के किराये में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। अब न्यूनतम किराया बढ़ाने से मजदूर, किसान, छात्र, नौजवान, कर्मचारी तथा बेरोजगार युवाओं पर मार पड़ेगी। उन्होंने राज्य सरकार से बस किराया वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लाभकारी रूट निजी बस ऑपरेटरों को सौंपे गए हैं और अभी भी सौंपे जा रहे हैं, जबकि परिवहन निगम की अधिकतर बसें घाटे वाले रूट पर चल रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत न्यूनतम बस किराया बढ़ोतरी के फैसले को वापस ले अन्यथा माकपा जनता को लामबंद कर सभी जगह विरोध प्रदर्शन करेगी। संवाद