संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। भारत की जनवादी नौजवान सभा के राज्य अध्यक्ष सुरेश सरवाल और सचिव महेंद्र राणा ने प्रदेश में गेस्ट टीचर भर्ती की कवायद का विरोध किया है। दोनों ने कहा कि यह निर्णय हिमाचल प्रदेश के पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं के साथ मजाक है। प्रदेश में पहले ही युवा बेरोजगारी की चक्की में पिस रहे हैं।
अब गेस्ट टीचर भर्ती की नीति उनके जख्मों को अधिक गहरा करेगी। प्रदेश के शिक्षा विभाग में ही लगभग 20,000 से अधिक शिक्षकों और गैर शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। अधिकांश स्कूल खास तौर पर प्राथमिक स्कूल डेपुटेशन के सहारे हैं। सरकार ने तीन वर्ष पहले ली गई परीक्षाओं के परिणाम घोषित तक नहीं किए हैं। जिनके परिणाम घोषित किए हैं, उन्हें सरकार नियुक्ति नहीं दे पाई है।
सरकार बजट का रोना रो रही है जबकि फिजूलखर्ची पर अंकुश नहीं लगा पा रही है। रिटायर अधिकारियों को एक्सटेंशन के रूप में लाखों रुपये लुटाए जा रहे हैं, इसे बंद किया जाए। सरकार इस नीति को बंद कर नियमित रूप से नौकरी देने की व्यवस्था करे। यदि सरकार इस निर्णय को वापस नहीं लेती है तो नौजवान सभा युवाओं को एकत्रित कर उग्र आंदोलन करेगी। संवाद