पधर (मंडी)। जिला सीएंडवी संघ के अध्यक्ष दयाराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से कला विषय को अनिवार्य करने के लिए सार्थक कदम उठाने की मांग की है।
कहा कि इस बारे में संघ शीघ्र ही मुख्यमंत्री से बात करेगा। नया स्कूली पाठ्यक्रम आधुनिकता और भारतीय कला-संस्कृति का मिश्रण होगा। इससे विद्यार्थियों को कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ कला आर्ट एजुकेशन की शिक्षा भी दी जाएगी। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने सभी स्कूलों में पहली से 12वीं कक्षा तक कला को अनिवार्य रूप से पढ़ाने की सिफारिश की है।
इसके लिए सभी स्कूलों में अनिवार्य रूप से कला एवं शिल्प शिक्षक भी नियुक्त करने का सुझाव दिया है। कहा कि कला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एनसीईआरटी कला शिक्षा में चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स शुरू करने की तैयारी में जुटी है। माना जा रहा है कि अगले साल से शुरू होने वाले चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स के साथ इसे भी शुरू कर दिया जाएगा। इसमें 12वीं तक कला की पढ़ाई करने वाले छात्र सीधे दाखिला ले सकेंगे। संवाद
महंगापुर के श्री गुरु तेग बहादुर स्कूल में कबड्डी में प्रतिभाग करते स्कूली बच्चे। संवाद