सुंदरनगर (मंडी)। प्रदेश सरकार की ओर से विधानसभा में पारित कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें संशोधन विधेयक का स्कूल प्रवक्ता संघ मंडी ने विरोध जताया।
संघ के मंडी जिला अध्यक्ष राजेश सैनी ने कहा कि एक तरफ सरकार ने 2008 से 2012 तक नियुक्त किए गए अनेक टीजीटी और कॉलेज प्राध्यापकों को वित्तीय लाभ दे दिए हैं, परंतु स्कूल प्रवक्ताओं में 2008 से 2012 तक नियुक्त एक भी प्रवक्ता को यह लाभ नहीं दिए हैं।
स्कूल प्रवक्ताओं के कई केस न्यायालय से निर्णय होने के बाद निदेशालय में लंबित हैं। अब सरकार ने इसको रोकने के लिए विधानसभा में भर्ती और सेवा शर्तें संशोधन विधेयक पास कर दिया। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ में रोष है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह कर्मचारी विरोधी विधेयक पर पुनर्विचार कर इसे वापस ले। संवाद