मंडी। हिमाचल अनुबंध नियमित कर्मचारी संगठन के प्रदेश महामंत्री अनिल सेन ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बजट से पहले 15 मई से डीए देने की घोषणा की थी। 15 अप्रैल 2025 को हिमाचल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की ओर से इसे एक जून से देने की बात कही लेकिन एक जून बीत गया। आज तक इसकी अधिसूचना जारी नहीं हुई। यह प्रदेश के कर्मचारियों के साथ मजाक है। कर्मचारियों में सरकार के प्रति आक्रोश है।
उन्होंने कहा कि एक जुलाई 2023 का चार प्रतिशत, जनवरी 2024 का चार प्रतिशत , जुलाई 2024 का तीन प्रतिशत तथा जनवरी 2025 का दो प्रतिशत डीए की चार किस्तें लंबित हैं। एक जुलाई 2025 से डीए की 5वीं किस्त लंबित हो जाएगी। एक जुलाई 2022 और एक जनवरी 2023 से लंबित लगभग 48 महीने का डीए एरियर कर्मचारियों को नहीं दिया गया। प्रदेश के आज तक के इतिहास में कभी भी डीए की चार से पांच किस्तें लंबित नहीं रखी गईं।
न ही डीए एरियर को रोका गया। यदि यही व्यवस्था परिवर्तन है तो हमें ऐसा व्यवस्था परिवर्तन नहीं चाहिए। केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर दी है। एक जनवरी 2026 से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए जहां आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हो जाएंगी वहीं वर्तमान सरकार अपने सभी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का एरियर भी नहीं दे पाई है।
वर्तमान राज्य सरकार का लगभग आधा कार्यकाल खत्म होने को है लेकिन सरकार ने वेतन आयोग के एरियर का एक पैसा भी कर्मचारियों को नहीं दिया है। वर्तमान सरकार डीए एरियर न देकर, डीए की तीन से चार किस्तें लंबित रखकर तथा वेतन आयोग का एरियर न देकर एक नई परंपरा अपना रही है। प्रदेश सरकार डीए की कम से कम दो किस्तें, डीए का एरियर तथा वेतन आयोग का एरियर शीघ्र जारी करे अन्यथा प्रदेश के कर्मचारी सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे।
000